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जेल में प्यार करने वाली प्रिया सेठ, हनुमान मंदिर में करेगी शादी

 

शहर में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसमें बाॅयफ्रेंड की हत्या के आरोप में जेल में बंद प्रिया सेठ ने अपने जीवन में नया मोड़ ले लिया है। जेल के भीतर ही प्रिया ने अपने साथी के साथ प्रेम संबंध बनाए और अब वह अपने प्रेमी के साथ हनुमान मंदिर में शादी करने जा रही है।

प्रिया सेठ पर आरोप है कि उसने कुछ समय पहले अपने ही बॉयफ्रेंड की हत्या कर दी थी। इस मामले की सुनवाई के दौरान मामले की सभी जानकारियाँ उजागर हुईं। जेल में सजा काटते समय प्रिया ने अपने सहकर्मी कैदी या अन्य कैदियों से परिचित होने के दौरान अपने जीवनसाथी से मुलाकात की। सूत्रों के अनुसार, यह रिश्ता धीरे-धीरे गहरा हुआ और दोनों ने शादी करने का निर्णय लिया।

स्थानीय लोगों और जेल अधिकारियों के अनुसार, प्रिया और उनके साथी के बीच इस प्रेम संबंध की खबर जेल के अंदर भी चर्चा का विषय बनी हुई थी। अधिकारियों ने कहा कि जेल प्रशासन ने इस विवाह के आयोजन को सुरक्षित और शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने की अनुमति दी है, जिसमें सभी नियमों का पालन किया जाएगा।

हनुमान मंदिर में इस शादी की तैयारी पिछले कुछ हफ्तों से चल रही है। प्रिया और उनके साथी ने मंदिर प्रशासन के साथ समन्वय कर विवाह समारोह की सभी औपचारिकताएं पूरी कर ली हैं। शादी समारोह में उनके परिवार और नजदीकी लोगों के शामिल होने की भी संभावना है। हालांकि सुरक्षा के दृष्टिकोण से केवल सीमित संख्या में लोगों को ही शामिल होने की अनुमति होगी।

कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह के मामलों में कैदियों का विवाह कानूनी रूप से मान्य होता है, बशर्ते इसे जेल प्रशासन और संबंधित अधिकारियों की अनुमति प्राप्त हो। उन्होंने यह भी कहा कि अपराध के बावजूद कैदी को अपनी व्यक्तिगत स्वतंत्रता और मानवाधिकार बनाए रखने का अधिकार है।

स्थानीय नागरिक इस खबर को सुनकर चौंक रहे हैं। कई लोग इसे सामाजिक दृष्टि से असामान्य घटना बता रहे हैं। “यह देखकर हैरानी होती है कि जेल में भी कोई अपने जीवन का नया अध्याय शुरू कर सकता है। यह मामला हमारे समाज के लिए कई सवाल खड़े करता है,” एक स्थानीय निवासी ने कहा।

वहीं, अपराध विशेषज्ञों का कहना है कि जेल में कैदियों के बीच प्रेम संबंध और विवाह के मामले पहले भी सामने आते रहे हैं, लेकिन यह हमेशा चर्चा का विषय बनते हैं। उनका कहना है कि यह जेल प्रणाली और सुरक्षा प्रोटोकॉल के नियंत्रण में रहकर संभव होता है।

इस शादी के बाद प्रिया सेठ का जीवन एक नया मोड़ लेगा। हालांकि उसके खिलाफ हत्या का मामला कोर्ट में विचाराधीन है, लेकिन विवाह का आयोजन उसके व्यक्तिगत जीवन का हिस्सा माना जाएगा। समाज और प्रशासन इस शादी को शांतिपूर्ण रूप से संपन्न कराने पर ध्यान दे रहे हैं।

प्रिया सेठ की यह कहानी न केवल अपराध और सजा, बल्कि मानव भावना और व्यक्तिगत स्वतंत्रता की जटिलताओं को भी सामने लाती है। यह घटना साबित करती है कि कठिन परिस्थितियों में भी व्यक्ति अपने जीवन में नई शुरुआत करने की कोशिश करता है।