परिवहन विभाग की सख्ती पर निजी बस ऑपरेटरों का विरोध, सामूहिक बैठक का आयोजन
राजस्थान में स्लीपर बसों के संचालन में लगे करीब दो हजार से अधिक निजी ऑपरेटर परिवहन विभाग की सख्ती के कारण नाराज हैं। बीते कुछ दिनों से विभाग द्वारा नियमों के उल्लंघन के नाम पर निजी बसों पर भारी जुर्माना लगाया जा रहा है, जबकि कई बसों को सीज भी किया गया है।
इस कार्रवाई को लेकर जयपुर के निजी बस ऑपरेटरों ने सामूहिक बैठक का आयोजन किया। बैठक में ऑपरेटरों ने परिवहन विभाग की कार्रवाई पर सवाल उठाए और कहा कि विभाग द्वारा नियमों को लागू करने में असमान और अनुचित तरीके अपनाए जा रहे हैं। उनका कहना है कि इस तरह की कार्रवाई से व्यवसाय और रोज़गार पर गंभीर असर पड़ रहा है।
बैठक में बस ऑपरेटरों ने यह भी बताया कि नियमों का पालन करने के बावजूद कई बसों को अनावश्यक रूप से सीज और चालान किया जा रहा है। उन्होंने विभाग से अपील की कि नियमों के सुसंगत और पारदर्शी पालन के साथ ही बस ऑपरेटरों के साथ संवाद स्थापित किया जाए।
परिवहन विभाग के अधिकारियों ने हालांकि कहा कि नियमों का पालन करना सभी बस ऑपरेटरों के लिए अनिवार्य है। उन्होंने बताया कि विभाग की कार्रवाई का उद्देश्य सड़क सुरक्षा, यात्री सुरक्षा और वाहनों की तकनीकी फिटनेस सुनिश्चित करना है। विभाग ने चेतावनी दी कि नियमों का उल्लंघन करने वाले ऑपरेटरों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।
बस ऑपरेटरों का कहना है कि इस समय कई ऑपरेटर आर्थिक दबाव में हैं, क्योंकि विभाग की लगातार कार्रवाई और भारी जुर्माने से उनकी आय प्रभावित हो रही है। ऑपरेटरों ने कहा कि यदि विभाग ने उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया, तो वे आगामी दिनों में जयपुर और अन्य जिलों में आंदोलन की रणनीति तैयार कर सकते हैं।