अंतरराष्ट्रीय साइबर ओलंपियाड की तैयारियां शुरू, पहली से दसवीं कक्षा तक के बच्चे लेंगे भाग
प्रदेश में विद्यार्थियों की डिजिटल शिक्षा और साइबर जागरूकता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से अंतरराष्ट्रीय साइबर ओलंपियाड की तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। इस प्रतियोगिता में कक्षा पहली से दसवीं तक के छात्र-छात्राएं भाग ले सकेंगे।
शिक्षा विभाग और संबंधित संस्थानों की ओर से इस ओलंपियाड को लेकर स्कूलों में पंजीकरण प्रक्रिया शुरू की जा रही है। इसका उद्देश्य बच्चों को कम उम्र से ही कंप्यूटर, इंटरनेट सुरक्षा और डिजिटल तकनीक की समझ देना है, ताकि वे साइबर दुनिया में सुरक्षित और जागरूक रह सकें।
प्रतियोगिता में शामिल छात्रों को साइबर सुरक्षा, डिजिटल लिटरेसी, ऑनलाइन सेफ्टी, और बेसिक कंप्यूटर नॉलेज जैसे विषयों पर आधारित प्रश्नों की तैयारी कराई जाएगी। इसके लिए स्कूल स्तर पर विशेष प्रशिक्षण और अभ्यास सत्र आयोजित किए जाएंगे।
अधिकारियों के अनुसार, बदलते समय में साइबर शिक्षा बेहद जरूरी हो गई है, क्योंकि बच्चों का अधिक समय अब डिजिटल प्लेटफॉर्म पर बीतता है। ऐसे में उन्हें सुरक्षित इंटरनेट उपयोग की जानकारी देना इस पहल का मुख्य उद्देश्य है।
इस ओलंपियाड में बेहतर प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान और प्रमाण पत्र प्रदान किए जाएंगे। साथ ही विजेता छात्रों को आगे की प्रतियोगिताओं में भाग लेने का अवसर भी मिलेगा।
शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की प्रतियोगिताएं न केवल छात्रों के ज्ञान को बढ़ाती हैं, बल्कि उनमें तकनीकी कौशल और आत्मविश्वास भी विकसित करती हैं।
कुल मिलाकर, अंतरराष्ट्रीय साइबर ओलंपियाड की शुरुआत राज्य में डिजिटल शिक्षा को नई दिशा देने वाली पहल मानी जा रही है, जिससे बच्चों को भविष्य की तकनीकी दुनिया के लिए तैयार किया जा सकेगा।