जयपुर में ट्रैफिक दबाव और ई-रिक्शा संचालन पर सख्ती की तैयारी, व्यवस्था सुधार की कवायद तेज
जयपुर शहर में लगातार बढ़ते ट्रैफिक दबाव और अव्यवस्थित ई-रिक्शा संचालन को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन अब बड़ा कदम उठाने की तैयारी में है। शहर की सड़कों पर बढ़ती भीड़ और यातायात जाम की समस्या को देखते हुए यातायात व्यवस्था को अधिक सुचारु और सुरक्षित बनाने पर जोर दिया जा रहा है।
सूत्रों के अनुसार, जयपुर के प्रमुख बाजार क्षेत्रों, रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और भीड़भाड़ वाले इलाकों में ई-रिक्शा के अनियंत्रित संचालन के कारण अक्सर जाम की स्थिति उत्पन्न हो रही है। कई बार निर्धारित रूट का पालन न करने और जहां-तहां रुकने से यातायात प्रभावित हो रहा है।
इन्हीं समस्याओं को देखते हुए प्रशासन द्वारा ई-रिक्शा संचालन के लिए नए नियम और सख्त व्यवस्था लागू करने पर विचार किया जा रहा है। इसमें रूट निर्धारण, रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया की जांच, और निर्धारित स्टैंड से ही संचालन जैसी व्यवस्थाएं शामिल हो सकती हैं।
यातायात पुलिस का कहना है कि शहर में बढ़ती वाहन संख्या के साथ ई-रिक्शा की संख्या में भी तेजी से इजाफा हुआ है, लेकिन उसके अनुरूप नियमन और नियंत्रण व्यवस्था पूरी तरह विकसित नहीं हो पाई है। इसी कारण ट्रैफिक दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है।
प्रस्तावित योजना के तहत प्रमुख चौराहों और बाजार क्षेत्रों में ई-रिक्शा के लिए अलग-अलग पिकअप और ड्रॉप पॉइंट बनाए जा सकते हैं, ताकि मुख्य सड़कों पर अनावश्यक भीड़ न हो।
इसके साथ ही बिना पंजीकरण या नियमों का उल्लंघन करने वाले ई-रिक्शा चालकों पर सख्त कार्रवाई की भी संभावना है। यातायात विभाग इस पूरे सिस्टम को डिजिटल मॉनिटरिंग से जोड़ने की दिशा में भी काम कर रहा है।
शहरवासियों का कहना है कि ट्रैफिक जाम और अव्यवस्थित ई-रिक्शा संचालन से रोजाना परेशानी बढ़ रही है, ऐसे में यदि नई व्यवस्था लागू होती है तो यातायात में काफी सुधार हो सकता है।
कुल मिलाकर, जयपुर में बढ़ते ट्रैफिक दबाव को नियंत्रित करने और ई-रिक्शा संचालन को व्यवस्थित करने के लिए प्रशासन की यह पहल शहर की यातायात व्यवस्था को अधिक सुचारु बनाने की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है।