राजस्थान की पश्चिमी सीमा पर सुरक्षा को मजबूत करने की तैयारी, 50 किमी दायरे में अतिक्रमण हटेगा
राजस्थान से सटी 1037 किलोमीटर लंबी पश्चिमी सीमा की सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए सरकार ने बड़ा कदम उठाने की तैयारी की है। इसके तहत सीमा से लगे पांच जिलों में 50 किलोमीटर के दायरे में किए गए अतिक्रमण को हटाया जाएगा।
प्रशासनिक जानकारी के अनुसार, इस कार्रवाई के दायरे में कई महत्वपूर्ण परियोजनाएं भी आ रही हैं, जिनमें 12 सोलर प्लांट शामिल हैं। इन परियोजनाओं की मौजूदगी के कारण भूमि उपयोग और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुनर्मूल्यांकन किया जा रहा है।
जैसलमेर जिले में स्थिति और भी महत्वपूर्ण है, जहां 10 बड़े प्रोजेक्ट्स के लिए पहले ही 47,994 बीघा जमीन आवंटित की जा चुकी है। इसके अलावा शाहगढ़ बल्ज क्षेत्र में भी एक बड़ी परियोजना प्रस्तावित है, जिससे सीमा क्षेत्र में विकास और सुरक्षा दोनों पहलू जुड़े हुए हैं।
सरकारी सूत्रों के अनुसार, यह पूरा कदम सीमा सुरक्षा बलों की जरूरतों और रणनीतिक दृष्टि से उठाया जा रहा है, ताकि संवेदनशील क्षेत्रों में किसी भी तरह की अवैध गतिविधि या अनियंत्रित निर्माण पर रोक लगाई जा सके।
प्रशासन का मानना है कि सीमावर्ती क्षेत्रों में अतिक्रमण और अनियोजित विकास सुरक्षा व्यवस्था के लिए चुनौती बन सकते हैं। इसलिए इन क्षेत्रों को सुरक्षित और नियंत्रित तरीके से विकसित करना आवश्यक है।
इस कार्रवाई के तहत संबंधित विभागों को सर्वेक्षण और चिन्हीकरण का कार्य तेजी से पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके बाद चरणबद्ध तरीके से अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
फिलहाल इस प्रस्ताव को लेकर तैयारियां जारी हैं और जल्द ही जमीन पर कार्रवाई शुरू होने की संभावना है। अधिकारियों का कहना है कि इसका उद्देश्य विकास और सुरक्षा के बीच संतुलन बनाना है, ताकि सीमा क्षेत्र पूरी तरह सुरक्षित और व्यवस्थित रह सके।