×

राजस्थान में शुरू हुआ प्री-मानसून सीजन, विडियो में जाने कई जिलों में बारिश; मध्य प्रदेश में भी आंधी-बारिश का दौर जारी

 

राजस्थान में मंगलवार से प्री-मानसून गतिविधियों की शुरुआत हो गई। राज्य के कई हिस्सों में मौसम ने करवट ली और लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली। सीकर और बीकानेर सहित कई जिलों में बारिश दर्ज की गई, जबकि श्रीगंगानगर और चूरू में तेज हवाओं के साथ धूल का गुबार छा गया। मौसम में आए इस बदलाव से तापमान में गिरावट दर्ज की गई और लोगों ने राहत की सांस ली।

मौसम विभाग के अनुसार, राजस्थान में आने वाले दिनों में भी प्री-मानसून गतिविधियां जारी रह सकती हैं। कई क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश और तेज हवाएं चलने की संभावना जताई गई है। हालांकि कुछ इलाकों में गर्मी का असर अभी भी बना हुआ है, लेकिन मौसम के बदलते रुख से मानसून के आगमन की उम्मीदें बढ़ गई हैं।

<a style="border: 0px; overflow: hidden" href=https://youtube.com/embed/oUJbX-C1H4s?autoplay=1&mute=1><img src=https://img.youtube.com/vi/oUJbX-C1H4s/hqdefault.jpg alt=""><span><div class="youtube_play"></div></span></a>" style="border: 0px; overflow: hidden;" width="640">

वहीं, मध्य प्रदेश में भी मंगलवार को आंधी और बारिश का सिलसिला जारी रहा। प्रदेश के सीधी, बैतूल, रीवा और सतना जिलों में तेज बारिश हुई। कई स्थानों पर बादल छाए रहे और तेज हवाएं भी चलीं। बारिश के कारण लोगों को गर्मी से राहत मिली, हालांकि कुछ इलाकों में जलभराव और यातायात प्रभावित होने की खबरें भी सामने आईं।

मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि देश के मध्य और पश्चिमी हिस्सों में मानसून की प्रगति फिलहाल धीमी बनी हुई है। दक्षिण-पश्चिम मानसून तेलंगाना के भद्राचलम क्षेत्र में पिछले छह दिनों से लगभग स्थिर बना हुआ है। मानसून की इसी धीमी रफ्तार का असर छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश पर भी पड़ रहा है, जहां सामान्य से कम बारिश दर्ज की जा रही है।

मानसून की रफ्तार थमने के कारण इन राज्यों के कई हिस्सों में एक बार फिर गर्मी का असर बढ़ने लगा है। दिन के तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है और लोगों को उमस का सामना करना पड़ रहा है। मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि अगले कुछ दिनों में परिस्थितियां बदल सकती हैं और मानसून दोबारा सक्रिय हो सकता है।

वर्ल्ड मेट्रोलॉजी ऑर्गनाइजेशन की हाइड्रोमेट्री टीम के सदस्य डॉ. पंकज कुमार के अनुसार, छत्तीसगढ़ में मानसून की एंट्री में अभी तीन से चार दिन का समय लग सकता है। वहीं मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश में मानसून के पहुंचने में लगभग एक सप्ताह की देरी हो सकती है। उन्होंने बताया कि वर्तमान मौसमीय परिस्थितियों के कारण मानसून की गति प्रभावित हुई है, लेकिन सप्ताह के अंत तक बारिश की गतिविधियों में सुधार की संभावना है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि मानसून फिर से सक्रिय होता है तो मध्य भारत और उत्तर भारत के कई राज्यों में अच्छी बारिश देखने को मिल सकती है। इससे किसानों को भी राहत मिलेगी, जो लंबे समय से मानसून का इंतजार कर रहे हैं। फिलहाल राजस्थान और मध्य प्रदेश में प्री-मानसून गतिविधियां लोगों को राहत दे रही हैं, जबकि पूरे क्षेत्र की नजर अब मानसून की अगली चाल पर टिकी हुई है।