राजस्थान में प्री-मानसून की दस्तक, वीडियो में जाने आंधी-बारिश से तापमान गिरा; कई जिलों में अलर्ट जारी
राजस्थान में प्री-मानसून सीजन की सक्रियता तेज हो गई है, जिसके चलते राज्य के कई हिस्सों में लगातार आंधी और बारिश का दौर जारी है। मौसम में आए इस बदलाव से जहां भीषण गर्मी से राहत मिली है, वहीं कई जिलों में मौसम ने अचानक करवट लेकर जनजीवन को प्रभावित किया है।
लगातार हो रही बारिश और तेज हवाओं के कारण प्रदेश के कई शहरों का अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस से नीचे पहुंच गया है। मौसम विभाग के अनुसार, प्री-मानसून गतिविधियों की वजह से जून महीने की कुल औसत बारिश का करीब 45 प्रतिशत कोटा पहले ही पूरा हो चुका है, जो इस सीजन में बारिश की सक्रियता को दर्शाता है।
मौसम विभाग ने मंगलवार के लिए भी कई जिलों में अलर्ट जारी किया है। इनमें 7 जिलों में ऑरेंज अलर्ट और 19 जिलों में यलो अलर्ट शामिल है। इन क्षेत्रों में तेज आंधी, बिजली गिरने और हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई गई है, जिससे लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
सोमवार को चूरू, सीकर, जयपुर और अलवर जिलों के कई हिस्सों में तेज आंधी चली, जिससे धूल भरी हवाओं ने दृश्यता को भी प्रभावित किया। चूरू में तो रेत के बवंडर के कारण आसमान पूरी तरह मटमैला हो गया और कुछ समय के लिए अंधेरा जैसा माहौल बन गया। वहीं इन जिलों में कुछ स्थानों पर हल्की बारिश भी दर्ज की गई।
उत्तर राजस्थान के श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ जिलों में भी कई जगहों पर तूफानी बारिश देखने को मिली, जिससे मौसम अचानक ठंडा हो गया। किसानों और आम लोगों को जहां गर्मी से राहत मिली है, वहीं तेज हवाओं और बारिश ने कुछ स्थानों पर सामान्य जनजीवन को प्रभावित भी किया है।
इसी बीच दिल्ली में खराब मौसम के कारण हवाई यातायात पर भी असर पड़ा। जानकारी के अनुसार, मौसम बिगड़ने की वजह से 4 घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को जयपुर एयरपोर्ट पर डायवर्ट किया गया। इससे कुछ समय के लिए जयपुर एयरपोर्ट पर भी उड़ानों का दबाव बढ़ गया।
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले दिनों में प्री-मानसून गतिविधियां और तेज हो सकती हैं। इसके चलते राजस्थान के कई हिस्सों में आंधी और बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है। प्रशासन ने लोगों को सावधानी बरतने और खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है।
फिलहाल प्रदेश में मौसम ने गर्मी से बड़ी राहत दी है, लेकिन साथ ही तेज हवाओं और अचानक बदलते मौसम को देखते हुए सतर्क रहने की जरूरत भी बढ़ गई है।