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रिफाइनरी दौरे को लेकर सियासत तेज, बीजेपी ने बताया ‘गेम चेंजर’ प्रोजेक्ट

 

प्रधानमंत्री के प्रस्तावित रिफाइनरी दौरे से पहले राजस्थान में राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी (भारतीय जनता पार्टी) के प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने इस दौरे को राज्य के लिए “गेम चेंजर” बताते हुए कहा कि यह राजस्थान के विकास की दिशा बदलने वाला साबित होगा।

राजस्थान में बालोतरा जिले की पचपदरा रिफाइनरी परियोजना को लेकर प्रदेश अध्यक्ष ने दावा किया कि इसकी शुरुआत वर्ष 2007-08 में पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के कार्यकाल में हुई थी। उन्होंने कहा कि यह परियोजना लंबे समय से राज्य की सबसे महत्वाकांक्षी औद्योगिक योजनाओं में से एक रही है।

मदन राठौड़ ने आरोप लगाया कि बाद में आई अशोक गहलोत सरकार के दौरान इस परियोजना से जुड़े समझौते में कुछ शर्तें ऐसी रखी गईं, जिनसे राज्य को आर्थिक नुकसान हुआ। उनके अनुसार, उस समय हुए एमओयू में लगभग 37,036 करोड़ रुपये की शर्तों को लेकर विवाद रहा, जिसमें क्रूड से जुड़े भुगतान और दीर्घकालिक शर्तों को लेकर आपत्ति जताई गई।

उन्होंने यह भी कहा कि उस दौर में परियोजना के शिलान्यास कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्तर के नेताओं की मौजूदगी रही, लेकिन राज्य को अपेक्षित वित्तीय सहयोग नहीं मिल सका। बीजेपी का कहना है कि इससे परियोजना की गति और आर्थिक लाभ पर असर पड़ा।

हालांकि विपक्षी दल इस तरह के आरोपों को पहले भी राजनीतिक बयानबाजी बताते रहे हैं और उनका कहना रहा है कि बड़ी परियोजनाओं में देरी या संशोधन तकनीकी और आर्थिक कारणों से किए जाते हैं।

फिलहाल प्रधानमंत्री के प्रस्तावित दौरे को लेकर प्रशासनिक और राजनीतिक तैयारियां तेज हो गई हैं। माना जा रहा है कि इस दौरान रिफाइनरी परियोजना की प्रगति, भविष्य की क्षमता और राज्य को मिलने वाले आर्थिक लाभों पर विस्तार से चर्चा हो सकती है।

यह दौरा जहां एक ओर विकास की दृष्टि से अहम माना जा रहा है, वहीं दूसरी ओर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप ने इसे और अधिक चर्चा में ला दिया है।