पंजाब-राजस्थान के बीच पानी को लेकर फिर सियासी तकरार, बयानों से गरमाया माहौल
पंजाब और राजस्थान के बीच जल विवाद एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने दावा किया है कि राजस्थान ने पिछले 66 वर्षों से पानी के उपयोग का शुल्क नहीं चुकाया है, जो अब लगभग 1.44 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है। उन्होंने संकेत दिया है कि पंजाब सरकार इस राशि की वसूली के प्रयास करेगी।
मुख्यमंत्री के इस बयान के बाद अंतरराज्यीय जल समझौतों और पुराने समझौतों पर फिर से चर्चा तेज हो गई है। यह मुद्दा लंबे समय से दोनों राज्यों के बीच विवाद का कारण रहा है, जिसमें पानी के बंटवारे और उपयोग को लेकर मतभेद समय-समय पर सामने आते रहे हैं।
वहीं राजस्थान सरकार ने इस पूरे मामले को सिरे से खारिज करते हुए इसे महज राजनीतिक बयानबाजी करार दिया है। राज्य सरकार का कहना है कि जल संसाधनों से जुड़े सभी मुद्दे पहले से तय समझौतों और कानूनी प्रावधानों के तहत संचालित होते हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के बयान दोनों राज्यों के बीच तनाव को बढ़ा सकते हैं और इसे सुलझाने के लिए केंद्र सरकार या संबंधित प्राधिकरण की मध्यस्थता जरूरी हो सकती है।
इस पूरे घटनाक्रम के बीच जल संसाधन का मुद्दा एक बार फिर राजनीतिक बहस का केंद्र बन गया है। दोनों राज्यों की ओर से बयानबाजी जारी है, जिससे यह विवाद और गहराता नजर आ रहा है।