असम पुलिस की कार्रवाई पर सियासी घमासान, कांग्रेस-भाजपा में तीखी बयानबाजी
असम में मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की पत्नी से जुड़े कथित विदेशी पासपोर्ट और विदेश में संपत्ति के आरोपों को लेकर शुरू हुआ विवाद अब राष्ट्रीय राजनीति में तूल पकड़ता जा रहा है। इसी बीच मंगलवार को दिल्ली में कांग्रेस नेता पवन खेड़ा के आवास पर असम पुलिस की मौजूदगी को लेकर राजनीतिक माहौल और गरमा गया है।
सूत्रों के अनुसार, Assam Police की एक टीम मंगलवार को दिल्ली स्थित कांग्रेस नेता Pawan Khera के घर पहुंची, हालांकि वे उस समय वहां मौजूद नहीं थे। पुलिस की इस कार्रवाई के बाद कांग्रेस ने इसे राजनीतिक बदले की कार्रवाई बताते हुए केंद्र सरकार और भाजपा पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
विवाद की शुरुआत उस समय हुई जब असम के मुख्यमंत्री Himanta Biswa Sarma की पत्नी से जुड़े कथित विदेशी पासपोर्ट और विदेश में संपत्ति को लेकर आरोप सार्वजनिक मंचों पर उठाए गए। इसी मुद्दे को लेकर विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं।
दिल्ली में पवन खेड़ा के घर पुलिस पहुंचने की घटना के बाद Indian National Congress ने तीखी प्रतिक्रिया दी है और इसे लोकतांत्रिक आवाजों को दबाने की कोशिश बताया है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि विपक्षी नेताओं पर लगातार केंद्रीय एजेंसियों और पुलिस के माध्यम से दबाव बनाया जा रहा है।
इस पूरे घटनाक्रम पर राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री Ashok Gehlot ने भी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा चुनावी हार के डर से बौखला गई है और लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं के बजाय पुलिस और सरकारी एजेंसियों के माध्यम से कार्रवाई कर रही है। गहलोत ने कहा कि यह प्रवृत्ति लोकतंत्र के लिए ठीक नहीं है और इससे राजनीतिक माहौल और अधिक तनावपूर्ण हो रहा है।
वहीं दूसरी ओर, सत्ताधारी दल Bharatiya Janata Party की ओर से इस मामले पर कहा जा रहा है कि जांच एजेंसियां अपने स्तर पर कानूनी प्रक्रिया के तहत काम कर रही हैं और इसे राजनीति से जोड़ना उचित नहीं है।
फिलहाल दोनों पक्षों के बीच बयानबाजी तेज हो गई है और यह मामला राजनीतिक बहस का केंद्र बन गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर और अधिक सियासी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल सकती हैं, जिससे राष्ट्रीय राजनीति का तापमान और बढ़ सकता है।