कच्चे तेल की कीमतों में उछाल, देश में पेट्रोल हुआ महंगा
पश्चिम एशिया में जारी तनाव और युद्ध के असर अब वैश्विक स्तर पर तेल की कीमतों पर साफ दिखाई देने लगे हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम बढ़ने के कारण देशभर में पेट्रोल की कीमतों में बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
तेल विपणन कंपनियों के अनुसार, पेट्रोल की कीमतों में लगभग 2.09 रुपये प्रति लीटर तक की बढ़ोतरी की गई है, जो 20 मार्च से लागू हो चुकी है। इस वृद्धि का असर मुख्य रूप से प्रीमियम और हाई-ऑक्टेन पेट्रोल पर ज्यादा देखने को मिल रहा है।
हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड और इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड सहित सरकारी तेल विपणन कंपनियों ने अपने प्रीमियम पेट्रोल वेरिएंट की कीमतों में लगभग 2.09 रुपये से 2.35 रुपये प्रति लीटर तक की वृद्धि की है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव का सीधा असर घरेलू बाजार पर पड़ता है। पश्चिम एशिया में जारी तनाव के चलते सप्लाई पर असर पड़ा है, जिससे कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आई है।
इस बढ़ोतरी का सबसे अधिक प्रभाव उन उपभोक्ताओं पर पड़ेगा, जो अपनी गाड़ियों में हाई-ऑक्टेन या प्रीमियम पेट्रोल का इस्तेमाल करते हैं। सामान्य पेट्रोल की तुलना में इन वेरिएंट की कीमतें पहले से ही अधिक होती हैं, और अब इस वृद्धि के बाद खर्च और बढ़ जाएगा।
उपभोक्ताओं का कहना है कि लगातार बढ़ती कीमतों से उनकी जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है। वहीं, विशेषज्ञों का अनुमान है कि अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें इसी तरह बढ़ती रहीं, तो आने वाले समय में ईंधन के दाम और बढ़ सकते हैं।
फिलहाल, तेल कंपनियों ने अंतरराष्ट्रीय बाजार के रुझानों को देखते हुए यह निर्णय लिया है, जिससे आने वाले दिनों में आम जनता को महंगे ईंधन का सामना करना पड़ सकता है।