राजस्थान में सरकारी स्कूलों में पासबुक से पढ़ाई की अनुमति बहाल, वीडियो में जानें 9 साल पुराना प्रतिबंध खत्म
राजस्थान के सरकारी स्कूलों में अब शिक्षक एक बार फिर पासबुक के जरिए पढ़ाई करवा सकेंगे। राज्य सरकार ने हाईकोर्ट के आदेश के बाद पासबुक के उपयोग पर लगी करीब 9 साल पुरानी रोक को वापस लेने का फैसला किया है।
यह निर्णय उस समय आया जब सरकार ने हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ आगे अपील नहीं करने का फैसला किया। इसके बाद माध्यमिक शिक्षा राजस्थान के जिला शिक्षा अधिकारी रामगोपाल शर्मा ने सोमवार को इस संबंध में आधिकारिक आदेश जारी किया। आदेश में पहले जारी किए गए उन दो निर्देशों को वापस ले लिया गया है, जिनके तहत पासबुक के उपयोग पर प्रतिबंध लगाया गया था।
इस फैसले के बाद अब राज्य के सरकारी स्कूलों में शिक्षण सामग्री के रूप में पासबुक का उपयोग फिर से किया जा सकेगा। इससे पहले 9 साल तक इस पर रोक लगी हुई थी, जिसके कारण कई स्कूलों में वैकल्पिक तरीकों से पढ़ाई करवाई जा रही थी।
नए आदेश के अनुसार, अब छात्रों या शिक्षकों के खिलाफ पासबुक के उपयोग को लेकर किसी भी प्रकार की कार्रवाई नहीं की जाएगी। इससे शिक्षकों और विद्यार्थियों दोनों को राहत मिली है।
शिक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि यह कदम शैक्षणिक प्रक्रिया को सरल और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में उठाया गया है। उनका मानना है कि पासबुक जैसी पारंपरिक शिक्षण सामग्री छोटे स्तर के छात्रों के लिए उपयोगी साबित हो सकती है, खासकर प्रारंभिक शिक्षा के स्तर पर।
इस फैसले के बाद शिक्षकों और अभिभावकों में मिली-जुली प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। कुछ लोग इसे पढ़ाई को आसान बनाने वाला कदम बता रहे हैं, जबकि कुछ का मानना है कि आधुनिक शिक्षा पद्धति के साथ संतुलन बनाए रखना भी जरूरी है।