राजस्थान की बेटी का कमाल, दौसा की पायल गुर्जर ने फतेह किया माउंट किलिमंजारो, वीडियो में देखें पूरी खबर
दौसा न्यूज़ डेस्क !!! दौसा जिले की बहरावंडा तहसील के दिवाकर गांव में जन्मी पायल गुर्जर ने गुदड़ी के लाल वाली कहावत को सही साबित कर दिखाया है। पायल गुर्जर ने पिछले सप्ताह साउथ अफ्रीका के तंजानिया में मांउट किलीमंजारों की 19 हजार 341 फीट ऊंची चोटी पर पहुंचकर प्रादेशिक सेना व भारत का तिरंगा लहराकर हजारों बालिकाओं के लिए हौसला और प्रेरणा कि मिशाल पेश की । इसके साथ ही पायल गुर्जर राजस्थान में गुर्जर समुदाय की पहली पर्वतारोही बन गई है।
गांव के स्कूल में पढ़ाई की, फिलहाल बीए बीएड कर रही हूं
पायल की प्रारंभिक शिक्षा दिवाकर गांव के राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय में हुई। इसके बाद उन्होंने जयपुर के स्कूलों में पढ़ाई की। फिलहाल बीए बीएड कोर्स के दूसरे वर्ष में पढ़ रही हूं। पायल ने कहा- यह प्रेरणा उन्हें अपनी मां सत्येश और पिता नेतराम गुर्जर से मिली। पिता नेतराम सेना की 123वीं बटालियन में सूबेदार के पद पर सोनमर्ग (जम्मू-कश्मीर) में तैनात हैं। पायल ने कहा- मेरा लक्ष्य पर्वतारोही बनकर दुनिया में गांव और देश का नाम रोशन करना है। बेटियां भी कम नहीं हैं. मेरा अगला मिशन नेपाल में माउंट एवरेस्ट पर तिरंगा फहराना है।' मैं इसके जरिए संदेश देना चाहता हूं कि बेटियां खूब मन लगाकर पढ़ें, बाल विवाह रोकें, फिजूलखर्ची रोकें, सामाजिक कुरीतियां रोकें। इसके साथ ही बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ-पानी बचाओ और मिट्टी बचाओ का नारा बुलंद करना मेरा लक्ष्य है.
इससे पहले भी कई चोटियों पर तिरंगा फहराया जा चुका है
माउंट किलिमंजारो अफ़्रीकी महाद्वीप की सबसे ऊँची चोटी है। यह तंजानिया में 19,340 फीट (5,895 मीटर) से अधिक की ऊंचाई पर स्थित है। पायल गुर्जर इससे पहले लगभग 17 हजार फीट ऊंची माचोई पीक, जोजिला पास (द्रास) और लगभग 18 हजार फीट नन कुन पीक बेस कैंप, ग्लेशियर (लद्दाख) और कश्मीर ग्रेट लेक एक्सपीडिशन और कई पर्वत श्रृंखलाओं की सबसे ऊंची चोटियों पर तिरंगा फहरा चुकी हैं। वह कीर्तिमान स्थापित कर जिले की पहली पर्वतारोही बन गई हैं।
राजस्थान न्यूज़ डेस्क !!!