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डीग में बारिश के मौसम में परिक्रमा मेला: चील महल में लगता है सांस्कृतिक उत्सव

 

राजस्थान के डीग जिले के कामा विधानसभा क्षेत्र में मानसून के दौरान हर साल चील महल में एक विशेष मेले का आयोजन होता है। यह मेला बारिश के मौसम में लगने के कारण स्थानीय लोग इसे परिक्रमा मेला के नाम से भी जानते हैं। यह मेला स्थानीय संस्कृति, धार्मिक परंपरा और पर्यटन को बढ़ावा देने का एक महत्वपूर्ण अवसर माना जाता है।

मेला मुख्य रूप से चील महल परिसर में आयोजित किया जाता है, जो अपनी ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहर के लिए प्रसिद्ध है। मेले में दूर-दूर से लोग आते हैं और धार्मिक, सांस्कृतिक और मनोरंजन संबंधी गतिविधियों में भाग लेते हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह मेला वर्षा ऋतु में आयोजित होने के कारण और भी खास हो जाता है, क्योंकि हरियाली और मौसम की सुंदरता में मेला का आनंद दोगुना हो जाता है।

परिक्रमा मेला धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है। श्रद्धालु और पर्यटक मेला स्थल की परिक्रमा करते हैं और स्थानीय देवी-देवताओं की पूजा-अर्चना में भाग लेते हैं। इसके अलावा मेले में लोक कला, हस्तशिल्प, पारंपरिक खेल और व्यंजन भी देखने और चखने को मिलते हैं, जो इसे पारंपरिक राजस्थान संस्कृति का जीवंत उदाहरण बनाते हैं।

स्थानीय प्रशासन मेले की तैयारियों में पूरी तरह जुटा रहता है। सुरक्षा, साफ-सफाई, यातायात प्रबंधन और स्वास्थ्य सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा जाता है। अधिकारी यह सुनिश्चित करते हैं कि मेले में आने वाले सभी पर्यटक और श्रद्धालु सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से मेला स्थल का आनंद ले सकें।

विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह के मेलों का महत्व केवल धार्मिक या सांस्कृतिक नहीं है, बल्कि यह स्थानीय अर्थव्यवस्था और पर्यटन को भी बढ़ावा देता है। मेले में आने वाले पर्यटक स्थानीय कारीगरों और व्यापारियों के लिए आर्थिक अवसर पैदा करते हैं, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों का विकास भी होता है।

स्थानीय निवासियों ने बताया कि परिक्रमा मेला सिर्फ एक धार्मिक आयोजन नहीं है, बल्कि यह सामाजिक मेल-जोल और सामुदायिक एकता का प्रतीक भी है। लोग मेले के दौरान एक-दूसरे से मिलते-जुलते हैं, अपने अनुभव साझा करते हैं और स्थानीय परंपराओं को जीवित रखते हैं।

मेला अपने रंग-बिरंगे माहौल, पारंपरिक संगीत और नृत्य प्रस्तुतियों के लिए भी प्रसिद्ध है। बच्चे, युवा और बुजुर्ग सभी इस उत्सव में आनंद लेते हैं और राजस्थान की सांस्कृतिक विविधता का अनुभव करते हैं।

प्रशासन और स्थानीय लोगों का उद्देश्य है कि यह मेला आने वाले वर्षों में भी जारी रहे और इसे सुरक्षित, व्यवस्थित और पर्यावरण के अनुकूल बनाए रखा जाए। मेले का आयोजन न केवल धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह डीग जिले को राजस्थान के पर्यटन मानचित्र पर प्रमुख स्थान दिलाने में भी मदद करता है।