RPSC भर्ती परीक्षाओं में पेपर लीक और धांधली ने सियासी भूचाल मचा दिया, कैबिनेट मंत्री से मुलाकात के बाद बड़ा खुलासा
राजस्थान में भर्ती परीक्षाओं में पेपर लीक और धांधली के मामले ने एक बार फिर सियासी भूचाल ला दिया है। जेल में बंद राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) के पूर्व सदस्य बाबूलाल कटारा और कैबिनेट मंत्री किरोड़ी लाल मीणा के बीच हाल ही में हुई मुलाकात के बाद बड़ा खुलासा हुआ है।
सूत्रों के अनुसार, मुलाकात के दौरान कटारा ने भर्ती परीक्षाओं में हुई अनियमितताओं और संभावित साजिशों के बारे में कई अहम बातें उजागर कीं। इस खुलासे ने राजनीतिक गलियारों में हलचल पैदा कर दी है और विपक्ष ने राज्य सरकार से जांच की गहनता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग की है।
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि यह मामला अब सिर्फ परीक्षा के घोटाले तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका असर राजनीतिक प्रतिष्ठा और सत्ता समीकरण पर भी पड़ सकता है। विपक्ष ने इसे लेकर विधानसभा और मीडिया में तीखी प्रतिक्रियाएँ दी हैं और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की अपील की है।
हालांकि, कैबिनेट मंत्री किरोड़ी लाल मीणा ने कहा कि मुलाकात केवल औपचारिक थी और जेल में बंद पूर्व सदस्य से किसी तरह की योजना नहीं बनाई गई। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सरकार कानून के दायरे में रहकर सभी अनियमितताओं की जांच कर रही है और दोषियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।
इस खुलासे के बाद राजस्थान लोक सेवा आयोग और संबंधित विभागों में भी हलचल मची हुई है। अधिकारियों का कहना है कि जांच प्रक्रिया को और तेज़ किया जाएगा और किसी भी साजिश या धांधली को उजागर करने के लिए सभी साक्ष्यों का गहन अध्ययन किया जाएगा।
विशेषज्ञों का कहना है कि भर्ती परीक्षाओं में पेपर लीक और धांधली जैसी घटनाओं का राजनीतिक प्रभाव गहरा होता है, क्योंकि इससे युवा वर्ग में भरोसा और सरकार पर विश्वास प्रभावित होता है। इसलिए, राज्य सरकार के लिए अब पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करना बड़ी चुनौती बन गई है।
सामाजिक और शैक्षणिक संगठनों ने भी इस मामले पर चिंता जताई है और सरकार से आग्रह किया है कि वह जल्दी से जल्दी जांच रिपोर्ट सार्वजनिक करे और दोषियों को कानून के अनुसार सजा दिलाए।