जोधपुर में गणगौर मेले के दौरान बवाल, पत्थरबाजी से दहशत का माहौल
राजस्थान की सांस्कृतिक राजधानी जोधपुर शुक्रवार देर शाम अचानक हिंसा की चपेट में आ गई, जब भीतरी शहर के मकराना मोहल्ले में आयोजित ऐतिहासिक गणगौर की सवारी और ‘फागड घुड़ला मेले’ के दौरान माहौल तनावपूर्ण हो गया। परंपरागत उल्लास और आस्था से भरा यह आयोजन उस समय रणक्षेत्र में तब्दील हो गया, जब विशेष समुदाय के कुछ युवकों द्वारा अचानक पत्थरबाजी शुरू कर दी गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कार्यक्रम पूरी तरह शांतिपूर्ण ढंग से चल रहा था और बड़ी संख्या में महिलाएं, बच्चे और स्थानीय लोग मेले का आनंद ले रहे थे। इसी दौरान कुछ असामाजिक तत्वों ने अचानक भीड़ पर पथराव करना शुरू कर दिया, जिससे अफरा-तफरी मच गई। लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे और पूरा इलाका चीख-पुकार से गूंज उठा।
घटना के दौरान महिलाओं के साथ बदसलूकी किए जाने की भी खबरें सामने आई हैं, जिससे लोगों में भारी आक्रोश व्याप्त है। कई प्रत्यक्षदर्शियों ने आरोप लगाया कि उपद्रवियों ने न केवल महिलाओं को निशाना बनाया, बल्कि उनकी सुरक्षा के साथ भी खिलवाड़ किया। इस तरह की घटनाओं ने सामाजिक सौहार्द पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
इसके अलावा, उपद्रवियों ने आसपास खड़े वाहनों को भी नहीं बख्शा। कई दोपहिया और चारपहिया वाहनों में तोड़फोड़ की गई, जिससे भारी नुकसान हुआ। दुकानों के शटर बंद हो गए और पूरे इलाके में दहशत का माहौल बन गया। स्थानीय व्यापारियों ने इस घटना को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग की है।
सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और हालात को काबू में करने का प्रयास किया। अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर इलाके में गश्त बढ़ा दी गई है। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रण में बताते हुए कहा है कि उपद्रवियों की पहचान की जा रही है और जल्द ही उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन ने नागरिकों से शांति बनाए रखने और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है। साथ ही, संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था और भी मजबूत कर दी गई है ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
गौरतलब है कि गणगौर और फागड घुड़ला मेला जोधपुर की सांस्कृतिक पहचान का अहम हिस्सा हैं, जहां हर साल बड़ी संख्या में लोग शामिल होते हैं। ऐसे पवित्र और पारंपरिक आयोजन के दौरान इस तरह की हिंसक घटना ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया है।
फिलहाल स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है, लेकिन इलाके में तनाव बना हुआ है। स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों ने प्रशासन से दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सके और शहर की सांस्कृतिक गरिमा बनी रहे।