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राजस्थान के 16 जिलों में पंच-सरपंच चुनाव: 83.05% मतदान, पिछले चुनाव के मुकाबले 1.77 प्रतिशत बढ़ी वोटिंग

 

राजस्थान के 16 जिलों में हुए पंच-सरपंच चुनावों के अंतिम मतदान आंकड़े जारी हो गए हैं। प्रदेश में इस बार कुल 83.05 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। यह आंकड़ा पिछले चुनाव में हुए 81.28 प्रतिशत मतदान से 1.77 प्रतिशत अधिक है। चुनावों में मतदाताओं की भागीदारी बढ़ने से ग्रामीण क्षेत्रों में लोकतांत्रिक प्रक्रिया के प्रति उत्साह देखने को मिला।

जारी आंकड़ों के मुताबिक, झालावाड़ जिले में सबसे अधिक 90.32 प्रतिशत मतदान हुआ। वहीं, बाड़मेर जिला 90.24 प्रतिशत मतदान के साथ दूसरे स्थान पर रहा। दोनों जिलों में मतदान का प्रतिशत 90 प्रतिशत से अधिक दर्ज किया गया। दूसरी ओर, सिरोही जिले के कालंद्री में 57.35 प्रतिशत वोटिंग हुई, जो उपलब्ध आंकड़ों में सबसे कम रही।

पिछले चुनाव के मुकाबले बढ़ा मतदान प्रतिशत

पंच-सरपंच चुनावों में इस बार कुल 83.05 प्रतिशत मतदान हुआ, जबकि पिछले चुनाव में यह आंकड़ा 81.28 प्रतिशत था। इस तरह मतदान प्रतिशत में 1.77 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। ग्रामीण स्तर पर होने वाले इन चुनावों में मतदान का विशेष महत्व है, क्योंकि ग्राम पंचायतों के प्रतिनिधि स्थानीय विकास, बुनियादी सुविधाओं और ग्रामीण समस्याओं से जुड़े मुद्दों पर काम करते हैं।

पंच और सरपंच का चुनाव गांवों में पेयजल, सड़क, सफाई, नाली निर्माण, सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन और अन्य स्थानीय जरूरतों से जुड़ा होता है। ऐसे में मतदान के जरिए ग्रामीण मतदाता अपने क्षेत्र के प्रतिनिधियों का चयन करते हैं।

झालावाड़ और बाड़मेर में 90 प्रतिशत से ज्यादा वोटिंग

अंतिम आंकड़ों के अनुसार, झालावाड़ में 90.32 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। बाड़मेर में भी मतदाताओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और यहां मतदान प्रतिशत 90.24 रहा। इन दोनों जिलों में मतदान का स्तर 90 प्रतिशत से ऊपर पहुंचा।

वहीं, सिरोही जिले के कालंद्री में 57.35 प्रतिशत मतदान हुआ। अलग-अलग क्षेत्रों में मतदान प्रतिशत में अंतर से यह स्पष्ट होता है कि मतदाताओं की भागीदारी प्रत्येक क्षेत्र में समान नहीं रही।

ग्रामीण राजनीति में अहम माने जाते हैं ये चुनाव

पंच-सरपंच चुनाव ग्रामीण लोकतंत्र की महत्वपूर्ण कड़ी हैं। इन चुनावों के जरिए गांवों के लोग अपने स्थानीय प्रतिनिधियों को चुनते हैं, जिनकी भूमिका पंचायत स्तर पर विकास कार्यों और जनसमस्याओं के समाधान में अहम होती है।

राजस्थान के 16 जिलों में हुए चुनावों के अंतिम आंकड़े सामने आने के बाद अब कुल मतदान प्रतिशत की तस्वीर स्पष्ट हो गई है। प्रदेश में 83.05 प्रतिशत मतदान दर्ज होना पिछले चुनाव के मुकाबले अधिक भागीदारी को दर्शाता है। हालांकि, जिलेवार और क्षेत्रवार मतदान प्रतिशत में अंतर भी सामने आया है।