राजस्थान में अटकी सेक्टर सड़कों को लेकर नई पहल, जमीन विवादों में फंसी 500 से अधिक सड़क परियोजनाओं को मिलेगी रफ्तार
राजस्थान में शहरी विकास से जुड़ी एक बड़ी समस्या के समाधान की दिशा में सरकार ने नई व्यवस्था लागू करने की तैयारी शुरू कर दी है। अब शहरों में लोगों को सड़क कनेक्टिविटी के लिए वर्षों तक इंतजार नहीं करना पड़ेगा। जमीन विवाद और कोर्ट केस में फंसी सेक्टर सड़कों को जल्द पूरा करने के लिए प्रशासनिक स्तर पर विशेष कदम उठाए जा रहे हैं।
अधिकारियों के अनुसार, केवल राजधानी जयपुर में ही जमीन विवादों के कारण 226 से अधिक सेक्टर सड़क परियोजनाएं लंबे समय से अटकी हुई हैं। वहीं पूरे प्रदेश की बात करें तो यह संख्या 500 से भी अधिक हो चुकी है। इन परियोजनाओं पर अलग-अलग तरह के भूमि विवाद और न्यायालयीन प्रक्रियाओं के कारण काम शुरू नहीं हो सका या बीच में रुक गया।
इन अटकी हुई सड़कों के कारण शहरों के कई सेक्टरों में कनेक्टिविटी की समस्या बनी हुई है। स्थानीय लोगों को आवागमन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है, साथ ही विकास कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं। कई जगहों पर सड़कें अधूरी होने के कारण ट्रैफिक जाम और सुरक्षा संबंधी समस्याएं भी बढ़ रही हैं।
प्रशासन का मानना है कि लंबे समय से चल रहे कोर्ट केस और जमीन विवादों के चलते इन परियोजनाओं में अनावश्यक देरी हो रही है। इसी को देखते हुए अब एक ऐसी व्यवस्था पर काम किया जा रहा है, जिससे विवादित मामलों में भी सीमित दायरे में सड़क निर्माण कार्य आगे बढ़ाया जा सके।
सूत्रों के अनुसार, नई व्यवस्था में कानूनी प्रक्रिया को ध्यान में रखते हुए वैकल्पिक रास्ते तलाशे जाएंगे, ताकि जहां संभव हो वहां निर्माण कार्य बाधित न हो। इसके लिए संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर भी जोर दिया जा रहा है।
शहरी विकास विशेषज्ञों का कहना है कि यदि इन अटकी हुई सड़कों का समय पर समाधान हो जाता है, तो इससे न केवल शहरों की कनेक्टिविटी बेहतर होगी, बल्कि रियल एस्टेट और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी बड़ा लाभ मिलेगा।
स्थानीय लोगों ने इस पहल का स्वागत किया है और उम्मीद जताई है कि वर्षों से लंबित सड़क परियोजनाएं अब जल्द पूरी होंगी। उनका कहना है कि सड़कें पूरी होने से दैनिक जीवन आसान होगा और विकास की रफ्तार भी तेज होगी।