राजस्थान के 4 खिलाड़ियों को पहले 1 लाख में जमीन देने का आदेश, अब 50 लाख मांगे; खेल प्रोत्साहन नीति पर उठे सवाल
राजस्थान में एशियन गेम्स और पैरालंपिक जैसे अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों में देश का प्रतिनिधित्व कर प्रदेश का नाम रोशन करने वाले चार खिलाड़ियों के सामने जमीन हासिल करने का संकट खड़ा हो गया है। राज्य सरकार की खेल प्रोत्साहन नीति के तहत इन खिलाड़ियों को 25 बीघा कृषि भूमि देने का आदेश जारी किया गया था। शुरुआत में इस जमीन की कीमत करीब 1 लाख रुपये की आरक्षित दर के आधार पर तय की गई थी, लेकिन अब खिलाड़ियों से इसके लिए करीब 50 लाख रुपये मांगे जा रहे हैं। अचानक बढ़ी कीमत ने खिलाड़ियों की परेशानी बढ़ा दी है।
जानकारी के अनुसार, सरकार ने खेलों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से जमीन आवंटित करने का निर्णय लिया था। इसके तहत राजस्थान के चार खिलाड़ियों को 25 बीघा कृषि भूमि देने का आदेश हुआ था। इस फैसले से खिलाड़ियों को उम्मीद थी कि उनकी खेल उपलब्धियों का सम्मान करते हुए उन्हें रियायती दर पर जमीन उपलब्ध कराई जाएगी।
1 लाख रुपये की जगह अब 50 लाख की मांग
शुरुआती आदेश में जमीन की कीमत करीब 1 लाख रुपये की आरक्षित दर के आधार पर तय की गई थी। हालांकि, बाद में जमीन की कीमत निर्धारित करने में DLC (जिला स्तरीय मूल्यांकन समिति) दरों का मामला सामने आया। नई दरों के आधार पर खिलाड़ियों से करीब 50 लाख रुपये जमा कराने की मांग की जा रही है।
इस तरह पहले निर्धारित कीमत और अब मांगी जा रही राशि के बीच बड़ा अंतर आ गया है। खिलाड़ियों के लिए इतनी बड़ी रकम जुटाना आसान नहीं है। जिस जमीन को खेल उपलब्धियों के सम्मान और प्रोत्साहन के तौर पर दिया जाना था, उसे हासिल करने के लिए अब उन्हें पहले की तुलना में काफी अधिक राशि चुकानी पड़ सकती है।
खेल प्रोत्साहन नीति के उद्देश्य पर सवाल
सरकार की खेल प्रोत्साहन नीति का उद्देश्य राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर राजस्थान का प्रतिनिधित्व करने वाले खिलाड़ियों को सम्मान देना और उनके भविष्य को सुरक्षित बनाना है। ऐसे में जमीन की कीमत में अचानक हुई बढ़ोतरी से नीति के वास्तविक लाभ को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
खिलाड़ियों का मानना है कि यदि जमीन आवंटन के शुरुआती आदेश में तय की गई दर के अनुसार लाभ नहीं मिलता है, तो प्रोत्साहन का उद्देश्य प्रभावित हो सकता है।
चार खिलाड़ियों को राहत का इंतजार
एशियन गेम्स और पैरालंपिक में देश का प्रतिनिधित्व कर चुके इन चार खिलाड़ियों को अब जमीन आवंटन की प्रक्रिया में राहत मिलने का इंतजार है। सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या सरकार पहले तय की गई आरक्षित दर पर जमीन उपलब्ध कराने का रास्ता निकालेगी या खिलाड़ियों को नई DLC दरों के हिसाब से ही भुगतान करना होगा।
फिलहाल करीब 1 लाख रुपये की शुरुआती कीमत के मुकाबले 50 लाख रुपये की मांग का मामला चर्चा में है। खिलाड़ियों को उम्मीद है कि सरकार इस मामले में हस्तक्षेप कर ऐसा समाधान निकालेगी, जिससे खेल उपलब्धियों के सम्मान के रूप में मिलने वाली जमीन उनके लिए आर्थिक बोझ न बने।