ओपीडी कैशलैस दवा वितरण बहिष्कार से मरीजों की परेशानी बढ़ी, स्वास्थ्य विभाग ने भुगतान का दावा किया
राजस्थान एलायंस ऑफ हॉस्पिटल एसोसिएशंस (राहा) की ओर से बुधवार से शुरू किए गए ओपीडी कैशलैस दवा वितरण बहिष्कार के कारण मरीजों की परेशानियां बढ़ गई हैं। मरीजों और उनके परिजनों का कहना है कि दवा न मिलने से कई लोग इलाज में असुविधा का सामना कर रहे हैं।
इस बीच, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने बयान जारी कर कहा है कि योजना के तहत राज्य के अस्पतालों और फार्मेसी को इस वित्तीय वर्ष में अब तक लगभग 3 हजार करोड़ रुपए का भुगतान किया जा चुका है। विभाग ने यह भी कहा कि भुगतान नियमित रूप से किया जा रहा है और बहिष्कार के बावजूद मरीजों की सुविधा के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि अस्पतालों और फार्मेसियों का यह कदम प्रशासन और भुगतान प्रक्रिया में सुधार की मांग को लेकर उठाया गया है। हालांकि, मरीजों को इससे सीधा असर पड़ रहा है और उनकी इलाज संबंधी समस्याएं बढ़ रही हैं।
स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे अपने इलाज में देरी न करें और आवश्यक दवाइयों के लिए निकटतम सरकारी स्वास्थ्य केंद्र या वैकल्पिक फार्मेसी से संपर्क करें।