राजसमंद के 700 साल पुराने आश्रम में गुरु पूर्णिमा पर उमड़ा आस्था का सैलाब, चेतननाथ महाराज के दर्शन को लगी लंबी कतार
गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर राजस्थान के राजसमंद जिले में आस्था और भक्ति का अद्भुत नजारा देखने को मिला। कांकरोली के पास वनाई गांव स्थित करीब 700 साल पुराने आश्रम में गुरु का आशीर्वाद लेने के लिए भक्तों और शिष्यों की लंबी कतार लगी रही। गुरु पूर्णिमा के दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु आश्रम पहुंचे और चेतननाथ महाराज के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। सुबह से ही आश्रम परिसर में भक्तों की भीड़ जुटने लगी थी।
दूर-दूर से पहुंचे श्रद्धालु
वनाई गांव स्थित इस प्राचीन आश्रम का धार्मिक महत्व काफी पुराना बताया जाता है। गुरु पूर्णिमा के मौके पर यहां आसपास के क्षेत्रों के अलावा दूर-दराज से भी श्रद्धालु पहुंचे।भक्तों ने गुरु के चरणों में नमन कर सुख-समृद्धि और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा की कामना की। आश्रम परिसर में पूरे दिन भक्ति और श्रद्धा का माहौल बना रहा।
700 साल पुरानी परंपरा से जुड़ा आश्रम
स्थानीय लोगों के अनुसार, यह आश्रम वर्षों पुरानी आध्यात्मिक परंपरा का केंद्र रहा है। यहां आने वाले श्रद्धालु गुरु-शिष्य परंपरा के महत्व को मानते हुए गुरु पूर्णिमा पर विशेष रूप से दर्शन करने पहुंचते हैं।आश्रम में धार्मिक कार्यक्रमों और पूजा-अर्चना का आयोजन भी किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया।
सुरक्षा और व्यवस्थाओं के किए गए इंतजाम
गुरु पूर्णिमा पर श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए आश्रम परिसर में व्यवस्थाएं की गई थीं। भक्तों के लिए दर्शन, कतार और अन्य सुविधाओं का ध्यान रखा गया।आयोजकों ने बताया कि श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए स्वयंसेवकों की तैनाती की गई थी।
गुरु के प्रति आस्था का पर्व
गुरु पूर्णिमा भारतीय संस्कृति में गुरु के प्रति सम्मान और कृतज्ञता प्रकट करने का विशेष पर्व माना जाता है। इस दिन शिष्य अपने गुरु का आशीर्वाद लेकर जीवन में सही मार्ग पर चलने का संकल्प लेते हैं।राजसमंद के इस प्राचीन आश्रम में भी गुरु पूर्णिमा पर यही श्रद्धा और विश्वास देखने को मिला। चेतननाथ महाराज के दर्शन के लिए पहुंचे भक्तों ने इसे अपने जीवन का विशेष आध्यात्मिक अनुभव बताया।