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राजस्थान में NSUI नेता की सरेआम पिटाई, विधायक आवास परिसर में विवाद

 

राजस्थान में एक NSUI नेता के साथ सरेआम मारपीट का मामला सामने आया है। घटना विधायक आवास परिसर के भीतर हुई, जहां आरोप है कि कुछ व्यक्तियों ने नेता का कॉलर पकड़कर गाली-गलौज की और धक्का-मुक्की की। इस घटना ने राजनीतिक गलियारों में गंभीर चिंता पैदा कर दी है।

जानकारी के अनुसार, पीड़ित NSUI नेता परिसर में किसी बैठक या कार्यक्रम के सिलसिले में मौजूद थे। अचानक कुछ अज्ञात व्यक्तियों ने उन पर हमला कर दिया और शारीरिक रूप से उन्हें क्षति पहुंचाने की कोशिश की। घटना के दौरान उनके कॉलर को पकड़कर उन्हें जमीन पर धक्का दिया गया और अपशब्दों का प्रयोग किया गया।

घटना के तुरंत बाद परिसर में मौजूद सुरक्षा अधिकारियों ने हस्तक्षेप किया और मामले को नियंत्रित करने का प्रयास किया। पीड़ित नेता ने स्थानीय पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह हमला राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों और स्थानीय रसूखदारों के दबाव में किया गया।

पुलिस ने कहा कि मामले की गहन जांच शुरू कर दी गई है। सभी CCTV फुटेज और गवाहों के बयान लिए जा रहे हैं ताकि दोषियों की पहचान कर उचित कार्रवाई की जा सके। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि किसी भी तरह के हिंसक कृत्य को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और कानून के अनुसार जिम्मेदारों को सजा दिलाई जाएगी।

राजनीतिक विशेषज्ञों का कहना है कि विधायक आवास परिसर में इस प्रकार की हिंसा और अपमानजनक व्यवहार न केवल कानून की अवमानना है, बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों और राजनीतिक संस्कृति के लिए भी चिंताजनक संकेत है। उन्होंने कहा कि युवाओं और पार्टी नेताओं को सुरक्षित और सम्मानजनक राजनीतिक माहौल प्रदान करना आवश्यक है।

NSUI के स्थानीय नेताओं ने घटना की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि यह केवल संगठन के नेता के खिलाफ नहीं, बल्कि सभी राजनीतिक कार्यकर्ताओं और लोकतांत्रिक प्रक्रिया के खिलाफ हमला है। उन्होंने राज्य सरकार और सुरक्षा एजेंसियों से आग्रह किया है कि दोषियों को तुरंत गिरफ्तार कर सख्त कार्रवाई की जाए।

स्थानीय मीडिया और सोशल प्लेटफॉर्म पर इस घटना की चर्चा तेज हो गई है। कई लोगों ने इसे राजनीतिक दबंगई और असुरक्षा का उदाहरण बताया। वहीं, प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि परिसर में सुरक्षा बढ़ाई जाएगी और भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति नहीं होगी।

अंततः, राजस्थान में NSUI नेता के साथ हुई यह सरेआम पिटाई विधायक आवास परिसर की सुरक्षा व्यवस्था और राजनीतिक शिष्टाचार पर सवाल उठाती है। पुलिस और प्रशासन पर यह जिम्मेदारी है कि वे दोषियों की पहचान कर न्याय सुनिश्चित करें और सभी राजनीतिक कार्यकर्ताओं को सुरक्षित वातावरण प्रदान करें।