जयपुर में DPS स्कूल की कैंटीन में बन रहे थे नॉनवेज प्रोडक्ट, अलग-अलग जगह सप्लाई का आरोप; कैंटीन लाइसेंस पर खोली बेकरी यूनिट
जयपुर में DPS स्कूल की कैंटीन से जुड़ा मामला सामने आया है, जहां कैंटीन के लाइसेंस की आड़ में कथित तौर पर बेकरी यूनिट संचालित की जा रही थी। आरोप है कि यहां नॉनवेज प्रोडक्ट तैयार किए जा रहे थे और उन्हें अलग-अलग जगहों पर सप्लाई किया जा रहा था। मामला सामने आने के बाद खाद्य पदार्थों के निर्माण, लाइसेंस की शर्तों और यूनिट के संचालन को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
मिली जानकारी के अनुसार, कैंटीन संचालन के लिए लाइसेंस लिया गया था, लेकिन इसके तहत बेकरी यूनिट चलाए जाने का आरोप है। यहां तैयार किए जा रहे उत्पादों की सप्लाई भी केवल कैंटीन तक सीमित नहीं थी, बल्कि अलग-अलग स्थानों पर की जा रही थी। अब इस बात की जांच महत्वपूर्ण होगी कि यूनिट किस अनुमति के आधार पर संचालित हो रही थी और खाद्य सुरक्षा से जुड़े नियमों का पालन किया जा रहा था या नहीं।
कैंटीन के लाइसेंस पर बेकरी यूनिट चलाने का आरोप
खाद्य कारोबार के लिए संबंधित गतिविधि के अनुसार लाइसेंस और अनुमति की जरूरत होती है। कैंटीन में भोजन तैयार करने और बड़े स्तर पर बेकरी उत्पाद बनाकर बाजार में सप्लाई करने की गतिविधियों में अंतर हो सकता है। ऐसे में लाइसेंस की शर्तों के अनुरूप कारोबार किया जा रहा था या नहीं, इसकी जांच जरूरी है।
यदि किसी कारोबारी ने कैंटीन के लाइसेंस पर अलग से उत्पादन इकाई संचालित की है, तो संबंधित विभाग दस्तावेजों, उत्पादन व्यवस्था और सप्लाई नेटवर्क की जांच कर सकता है। हालांकि, इस मामले में लाइसेंस की वास्तविक शर्तों और कथित उल्लंघन की आधिकारिक पुष्टि होना अभी बाकी है।
अलग-अलग जगहों पर सप्लाई की जानकारी
आरोप है कि बेकरी यूनिट में तैयार किए जा रहे नॉनवेज प्रोडक्ट अलग-अलग स्थानों पर भेजे जा रहे थे। ऐसे में जांच के दौरान यह पता लगाना अहम होगा कि उत्पाद कहां-कहां सप्लाई किए जाते थे, उनका निर्माण किन परिस्थितियों में होता था और खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन किया जा रहा था या नहीं।
खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, निर्माण स्थल की स्वच्छता, भंडारण और वितरण व्यवस्था उपभोक्ताओं की सुरक्षा से सीधे जुड़े मुद्दे हैं। यदि नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है, तो संबंधित विभाग नियमानुसार कार्रवाई कर सकता है।
जांच और आधिकारिक पक्ष का इंतजार
इस मामले में संबंधित स्कूल प्रबंधन, कैंटीन संचालक और खाद्य सुरक्षा विभाग का पक्ष सामने आना महत्वपूर्ण है। साथ ही, यह स्पष्ट होना बाकी है कि क्या किसी विभाग ने निरीक्षण किया है, कोई नमूना लिया गया है या यूनिट के खिलाफ कार्रवाई शुरू की गई है।
फिलहाल उपलब्ध जानकारी के आधार पर नॉनवेज उत्पादों के निर्माण और सप्लाई से जुड़े आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है। जांच के निष्कर्ष सामने आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि लाइसेंस की शर्तों का उल्लंघन हुआ था या नहीं और इसके लिए कौन जिम्मेदार