तीन दिन बारिश के आसार नहीं, फुटेज में जाने 12 सितंबर से फिर सक्रिय हो सकता है मानसून; अगले सप्ताह विदाई की संभावना
राजस्थान में मानसून की रफ्तार अब कमजोर पड़ गई है। प्रदेश में अगले तीन दिनों तक बारिश की गतिविधियां कम रहने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार, 11 सितंबर को बंगाल की खाड़ी में एक नया लो-प्रेशर सिस्टम (निम्न दबाव क्षेत्र) बनने की संभावना है, जिसके प्रभाव से 12 सितंबर से राजस्थान के कुछ पूर्वी जिलों में हल्की बारिश का दौर शुरू हो सकता है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि फिलहाल मानसून कमजोर परिस्थितियों में है। ऐसे में अगले सप्ताह से प्रदेश में मानसून की विदाई की प्रक्रिया शुरू होने की संभावना जताई जा रही है। राजस्थान में मानसून वापसी की सामान्य तारीख 17 सितंबर मानी जाती है।
कमजोर मानसून के कारण बढ़ी गर्मी और उमस
बारिश में कमी आने के कारण सितंबर के दूसरे सप्ताह में भी प्रदेश के कई हिस्सों में गर्मी और उमस का असर बना हुआ है। दिन के तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है।मंगलवार को श्रीगंगानगर प्रदेश का सबसे गर्म जिला रहा, जहां अधिकतम तापमान करीब 39 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। इसके अलावा कई इलाकों में दिन के समय तेज धूप और उमस ने लोगों को परेशान किया।
बंगाल की खाड़ी में बनेगा नया सिस्टम
मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक, 11 सितंबर को बंगाल की खाड़ी में बनने वाला लो-प्रेशर सिस्टम धीरे-धीरे उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर बढ़ेगा। इसके असर से मध्य प्रदेश और उससे सटे राजस्थान के पूर्वी हिस्सों में बारिश की संभावना बन रही है।अनुमान है कि 12 और 13 सितंबर को पूर्वी राजस्थान के कुछ जिलों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। हालांकि इस सिस्टम का प्रभाव प्रदेश के सभी हिस्सों में देखने को नहीं मिलेगा।
मानसून विदाई की तैयारी शुरू
मौसम विभाग के अनुसार, राजस्थान में मानसून की विदाई सामान्य तौर पर सितंबर के मध्य से शुरू होती है। इस बार कमजोर बारिश और बदलते मौसम पैटर्न को देखते हुए अगले सप्ताह से मानसून की वापसी की प्रक्रिया शुरू होने के संकेत मिल रहे हैं।मानसून की विदाई के साथ ही प्रदेश में मौसम धीरे-धीरे शुष्क होने लगेगा और दिन के तापमान में फिर बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।
किसानों की बढ़ी चिंता
बारिश की कमी का असर खेती पर भी पड़ सकता है। खरीफ फसलों के लिए सितंबर की बारिश काफी महत्वपूर्ण मानी जाती है। खासकर उन इलाकों में जहां अब तक पर्याप्त बारिश नहीं हुई है, वहां किसानों को चिंता सता रही है।हालांकि, बंगाल की खाड़ी से बनने वाले नए सिस्टम से कुछ जिलों में बारिश की उम्मीद बनी हुई है। अब सभी की नजर इस सिस्टम की सक्रियता और इसके राजस्थान तक पहुंचने के प्रभाव पर है।