JECRC यूनिवर्सिटी में निवृत्ति कुमारी मेवाड़ का प्रेरक संबोधन, वीडियो में जाने बोलीं- 'विदेसी भाषा सीखजो, पण मायड़ भासा कदे मत छोड़जो'
जेईसीआरसी यूनिवर्सिटी में आयोजित तीन दिवसीय ओरिएंटेशन प्रोग्राम 'ओरिएंट 2026' के दूसरे दिन उदयपुर के पूर्व राजपरिवार की सदस्य निवृत्ति कुमारी मेवाड़ ने विद्यार्थियों से संवाद कर उन्हें अपनी संस्कृति, मातृभाषा और मूल्यों से जुड़े रहने का संदेश दिया। उनके संबोधन ने छात्रों को भारतीय परंपरा और आधुनिक शिक्षा के बीच संतुलन बनाने की प्रेरणा दी।
कार्यक्रम के दौरान निवृत्ति कुमारी मेवाड़ ने कहा कि आज के वैश्विक दौर में विद्यार्थियों को दुनिया की हर भाषा सीखने के लिए तैयार रहना चाहिए, लेकिन अपनी मातृभाषा और सांस्कृतिक विरासत को कभी नहीं भूलना चाहिए। उन्होंने राजस्थानी भाषा में कहा, "विदेसी भाषा सीखजो, पण मायड़ भासा कदे मत छोड़जो।"उन्होंने कहा कि भाषा केवल बातचीत का माध्यम नहीं होती, बल्कि यह हमारी पहचान, संस्कृति और इतिहास का आधार भी है। यदि युवा अपनी जड़ों से जुड़े रहेंगे, तभी वे वैश्विक मंच पर भी अपनी अलग पहचान बना सकेंगे।
'जड़ों से जुड़े रहना ही असली सफलता'
निवृत्ति कुमारी ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि आधुनिक शिक्षा और वैश्विक सोच जरूरी है, लेकिन अपनी परंपराओं और मूल्यों को साथ लेकर आगे बढ़ना ही वास्तविक सफलता है। उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति अपनी संस्कृति का सम्मान करता है, वही दुनिया में आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ सकता है।उन्होंने विद्यार्थियों को नई तकनीकों और बदलते समय के साथ कदम मिलाने की सलाह देते हुए कहा कि ज्ञान की कोई सीमा नहीं होती, लेकिन अपनी पहचान को बनाए रखना भी उतना ही महत्वपूर्ण है।
नेतृत्व और महिला सशक्तिकरण पर हुई चर्चा
कार्यक्रम में जेईसीआरसी यूनिवर्सिटी की डायरेक्टर–पीपल एंड कल्चर ध्रुवी अग्रवाल ने निवृत्ति कुमारी मेवाड़ के साथ संवाद किया। इस दौरान दोनों ने विद्यार्थियों के साथ नेतृत्व क्षमता, चरित्र निर्माण, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, महिला सशक्तिकरण, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और भारतीय संस्कृति जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की।संवाद के दौरान विद्यार्थियों ने भी विभिन्न विषयों पर सवाल पूछे, जिनका दोनों वक्ताओं ने विस्तार से जवाब दिया। छात्रों को बदलते समय में नैतिक मूल्यों के साथ आगे बढ़ने और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को समझने की प्रेरणा दी गई।
विद्यार्थियों को मिला प्रेरणादायक संदेश
'ओरिएंट 2026' के दूसरे दिन आयोजित यह सत्र छात्रों के लिए प्रेरणादायक साबित हुआ। कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने उत्साह के साथ भाग लिया और वक्ताओं के अनुभवों से सीखने का अवसर प्राप्त किया।यूनिवर्सिटी प्रबंधन का कहना है कि ओरिएंटेशन कार्यक्रम का उद्देश्य नए विद्यार्थियों को केवल शैक्षणिक माहौल से परिचित कराना ही नहीं, बल्कि उन्हें नेतृत्व, नवाचार, सामाजिक जिम्मेदारी और भारतीय मूल्यों के प्रति भी जागरूक बनाना है।निवृत्ति कुमारी मेवाड़ के संबोधन ने विद्यार्थियों को यह संदेश दिया कि वैश्विक नागरिक बनने की राह में अपनी मातृभाषा, संस्कृति और विरासत को साथ लेकर चलना ही सच्ची प्रगति और स्थायी सफलता की पहचान है।