नया सत्र शुरू, लेकिन पीटीआई भर्ती 2022 के शिक्षक अब भी असमंजस में
राज्य के सरकारी स्कूलों में जहां एक ओर नए सत्र की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं और विद्यार्थियों की पढ़ाई शुरू हो रही है, वहीं दूसरी ओर शारीरिक शिक्षक भर्ती 2022 से जुड़े हजारों अभ्यर्थियों की स्थिति अभी भी स्पष्ट नहीं हो पाई है।
इन शिक्षकों का कहना है कि चयन प्रक्रिया पूरी होने के बावजूद उन्हें नियमित रूप से नियुक्ति और कार्यस्थल को लेकर स्पष्ट दिशा-निर्देश नहीं मिले हैं। इसके चलते वे न तो पूरी तरह नौकरी जॉइन कर पा रहे हैं और न ही आर्थिक रूप से स्थिर हो पा रहे हैं।
आर्थिक संकट गहराया:
लंबे समय से नियुक्ति प्रक्रिया में देरी के कारण कई शिक्षक आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। कुछ ने नौकरी की उम्मीद में अन्य अवसर छोड़ दिए थे, जिससे अब उनकी स्थिति और कठिन हो गई है।
शिक्षकों का कहना है कि वे परिवार की जिम्मेदारियों को निभाने में भी परेशानी का सामना कर रहे हैं और सरकार से जल्द समाधान की मांग कर रहे हैं।
सरकार से मांग:
पीटीआई भर्ती 2022 के अभ्यर्थियों ने सरकार से मांग की है कि उनकी नियुक्ति प्रक्रिया को जल्द पूरा किया जाए और उन्हें स्थायी रूप से पदस्थापित किया जाए। उनका कहना है कि शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए शारीरिक शिक्षकों की भूमिका भी उतनी ही महत्वपूर्ण है।
शिक्षा व्यवस्था पर असर:
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि शारीरिक शिक्षक समय पर उपलब्ध नहीं होंगे, तो स्कूलों में खेल और शारीरिक शिक्षा गतिविधियों पर असर पड़ेगा। इससे छात्रों के समग्र विकास में बाधा आ सकती है।