×

राजस्थान में सीवर सफाई का नया दौर: अब रोबोट करेगा गंदे चैंबर की सफाई, वीडियो में जाने कर्मचारियों को नहीं उतरना पड़ेगा अंदर

 

राजस्थान में सीवर सफाई व्यवस्था अब आधुनिक तकनीक की ओर तेजी से बढ़ रही है। प्रदेश के कई शहरों में सीवरेज चैंबर की सफाई के लिए रोबोट का इस्तेमाल शुरू हो गया है। इस तकनीक से अब सफाई कर्मचारियों को जहरीली गैसों और गंदगी से भरे सीवर में उतरकर अपनी जान जोखिम में डालने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

जेन रोबोटिक इनोवेशन कंपनी द्वारा विकसित 'बैंडीकूट' (Bandicoot) रोबोट को राजस्थान के 35 से अधिक शहरों में सीवरेज चैंबर की सफाई के लिए तैनात किया जाएगा। राजधानी जयपुर में इसकी तीन मशीनें पहले ही काम शुरू कर चुकी हैं, जबकि जोधपुर और भीलवाड़ा में इसका ट्रायल जारी है।

<a style="border: 0px; overflow: hidden" href=https://youtube.com/embed/3Pdj2Purvfo?autoplay=1&mute=1><img src=https://img.youtube.com/vi/3Pdj2Purvfo/hqdefault.jpg alt=""><span><div class="youtube_play"></div></span></a>" style="border: 0px; overflow: hidden;" width="640">

30 से 40 मिनट में पूरी होती है सफाई

बैंडीकूट रोबोट की सबसे बड़ी खासियत इसकी तेज और सुरक्षित कार्यप्रणाली है। जहां पहले एक सीवरेज चैंबर की सफाई में कई कर्मचारियों और काफी समय की जरूरत पड़ती थी, वहीं यह रोबोट महज 30 से 40 मिनट में पूरा चैंबर साफ कर देता है।बताया जा रहा है कि एक रोबोट अकेले ही लगभग 5 से 6 कर्मचारियों के बराबर काम करने की क्षमता रखता है, जिससे सफाई कार्य अधिक तेज और प्रभावी हो गया है।

लाइव कैमरा और गैस डिटेक्शन सिस्टम से लैस

इस अत्याधुनिक रोबोट में हाई-रिजॉल्यूशन कैमरे लगाए गए हैं, जो सीवरेज चैंबर के अंदर की लाइव वीडियो फीड स्क्रीन पर दिखाते हैं। इससे ऑपरेटर बिना सीवर में उतरे अंदर की स्थिति को आसानी से देख सकते हैं।इसके अलावा रोबोट में गैस डिटेक्शन सिस्टम भी लगाया गया है, जो चैंबर के अंदर मौजूद जहरीली गैसों की पहचान कर उनकी मात्रा की जानकारी देता है। इससे संभावित खतरे का पहले ही पता चल जाता है और दुर्घटनाओं की आशंका काफी कम हो जाती है।

35 से ज्यादा शहरों में होगा इस्तेमाल

राजस्थान में इस तकनीक का दायरा लगातार बढ़ाया जा रहा है। यपुर में तीन बैंडीकूट रोबोट नियमित रूप से सीवर सफाई का काम कर रहे हैं। वहीं जोधपुर और भीलवाड़ा में इनके ट्रायल के नतीजों का आकलन किया जा रहा है।सफल परीक्षण के बाद प्रदेश के 35 से अधिक शहरों में इन रोबोटों के जरिए सीवरेज चैंबर की सफाई कराई जाएगी।

सफाई कर्मचारियों की सुरक्षा को मिलेगी मजबूती

सीवर में उतरकर सफाई करना सबसे जोखिम भरे कार्यों में माना जाता है। जहरीली गैसों और ऑक्सीजन की कमी के कारण हर साल कई सफाई कर्मचारियों की जान चली जाती है।ऐसे में बैंडीकूट जैसे रोबोट का इस्तेमाल न केवल सफाई व्यवस्था को आधुनिक बनाएगा, बल्कि सफाई कर्मचारियों की सुरक्षा भी सुनिश्चित करेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि यह तकनीक मैनुअल सीवर सफाई को खत्म करने और सुरक्षित व सम्मानजनक कार्य वातावरण उपलब्ध कराने की दिशा में एक बड़ा कदम साबित होगी।