अमायरा सुसाइड केस में नीरजा मोदी स्कूल मालिक समेत 4 आरोपियों पर चलेगा मुकदमा, वीडियो में जाने कोर्ट ने लिया प्रसंज्ञान
चर्चित अमायरा सुसाइड केस में जयपुर की अदालत ने अहम फैसला सुनाते हुए नीरजा मोदी स्कूल के मालिक सौरभ मोदी, प्रिंसिपल इंदू दुबे, शिक्षिका पुनीता शर्मा और सफाईकर्मी रामू के खिलाफ मुकदमा चलाने का आदेश दिया है। जयपुर महानगर प्रथम की एसीजेएम-10 कोर्ट ने मंगलवार को पुलिस द्वारा पेश किए गए आरोपों पर प्रसंज्ञान लेते हुए मामले को आगे की सुनवाई के लिए बाल न्यायालय (जुवेनाइल कोर्ट) भेज दिया।
सभी आरोपी कोर्ट में हुए पेश, मिली जमानत
मामले की सुनवाई के दौरान चारों आरोपी अदालत में उपस्थित हुए। कोर्ट ने कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद सभी आरोपियों को जमानत दे दी। अब मामले की आगे की सुनवाई बाल न्यायालय में होगी, जहां आरोपों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर मुकदमे की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
परिजनों की अतिरिक्त धाराएं जोड़ने की मांग नहीं मानी
सुनवाई के दौरान अमायरा के परिजनों ने अदालत में एक प्रार्थना-पत्र दायर कर पुलिस की ओर से लगाई गई धाराओं के अलावा आत्महत्या के लिए उकसाने और स्कूल मालिक व प्रिंसिपल पर बच्ची के साथ क्रूरता से संबंधित अतिरिक्त धाराएं जोड़ने की मांग की थी।हालांकि, अदालत ने इस प्रार्थना-पत्र पर सुनवाई से इनकार कर दिया और केवल पुलिस की ओर से प्रस्तुत आरोपों के आधार पर ही प्रसंज्ञान लिया। यानी फिलहाल मुकदमा उन्हीं धाराओं के तहत आगे बढ़ेगा, जो जांच एजेंसी ने अपनी रिपोर्ट में शामिल की हैं।
मामला क्यों है चर्चा में?
अमायरा की मौत के बाद उसके परिजनों ने स्कूल प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए थे। उनका कहना था कि स्कूल में हुई घटनाओं और कथित व्यवहार के कारण बच्ची मानसिक रूप से परेशान थी। इसी आधार पर उन्होंने स्कूल प्रबंधन और संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की थी।दूसरी ओर, मामले की जांच के बाद पुलिस ने अपनी रिपोर्ट अदालत में पेश की, जिसके आधार पर अब अदालत ने आरोपियों के खिलाफ मुकदमा चलाने की अनुमति दी है।
अब बाल न्यायालय में होगी सुनवाई
एसीजेएम-10 कोर्ट द्वारा प्रसंज्ञान लेने के बाद मामला अब बाल न्यायालय को स्थानांतरित कर दिगया है। वहां अभियोजन और बचाव पक्ष अपने-अपने साक्ष्य एवं तर्क प्रस्तुत करेंगे। न्यायालय में सुनवाई के दौरान उपलब्ध सबूतों और गवाहों के आधार पर आगे की कानूनी प्रक्रिया तय होगी।यह मामला प्रदेश में काफी चर्चित रहा है और अब अदालत द्वारा प्रसंज्ञान लिए जाने के बाद इसकी सुनवाई एक नए चरण में प्रवेश कर गई है। सभी की नजर अब बाल न्यायालय में होने वाली आगामी सुनवाई और मामले की न्यायिक प्रक्रिया पर टिकी रहेगी।