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‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में ऐतिहासिक कदम: भाजपा की पत्रकार वार्ता में वक्ताओं ने बताया मील का पत्थर

 

भारतीय जनता पार्टी जिला कार्यालय में आयोजित एक पत्रकार वार्ता में नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। इस दौरान वक्ताओं ने इस ऐतिहासिक कानून को महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ा और निर्णायक कदम बताया। कार्यक्रम में मौजूद नेताओं ने इसे देश के लोकतांत्रिक इतिहास में एक मील का पत्थर करार दिया।

पत्रकार वार्ता में वक्ताओं ने कहा कि यह अधिनियम महिलाओं को राजनीतिक प्रतिनिधित्व में अधिक अवसर प्रदान करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उनका कहना था कि लंबे समय से जिस बदलाव की आवश्यकता महसूस की जा रही थी, यह कानून उसे धरातल पर उतारने का कार्य करेगा।

इस अवसर पर विधायक दीप्ति माहेश्वरी ने कहा कि यह अधिनियम केवल एक कानून नहीं है, बल्कि महिलाओं की भागीदारी और नेतृत्व क्षमता को नई दिशा देने वाला ऐतिहासिक निर्णय है। उन्होंने कहा कि इससे न केवल राजनीति में महिलाओं की उपस्थिति बढ़ेगी, बल्कि निर्णय लेने की प्रक्रिया में भी उनकी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित होगी।

कार्यक्रम के दौरान यह भी बताया गया कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम का उद्देश्य लोकतांत्रिक व्यवस्था को और अधिक समावेशी बनाना है, ताकि समाज के हर वर्ग की भागीदारी सुनिश्चित हो सके। वक्ताओं ने इसे महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक दूरगामी प्रभाव डालने वाला कदम बताया।

पत्रकारों से बातचीत में नेताओं ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता हमेशा से महिलाओं को सशक्त बनाना रही है और यह अधिनियम उसी दिशा में एक मजबूत प्रयास है। उन्होंने कहा कि इससे आने वाले समय में राजनीति में महिलाओं की भूमिका और अधिक प्रभावी होगी।

कार्यक्रम में मौजूद अन्य पदाधिकारियों ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि यह कानून महिलाओं के आत्मविश्वास को बढ़ाने के साथ-साथ सामाजिक स्तर पर भी सकारात्मक बदलाव लाएगा।

पत्रकार वार्ता के अंत में सभी वक्ताओं ने यह विश्वास जताया कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम देश में महिला सशक्तिकरण की नई परिभाषा गढ़ेगा और लोकतंत्र को और अधिक मजबूत बनाएगा।