राजस्थान में मानसून कमजोर: आधे सीजन में 11% कम बारिश, वीडियो में जाने 23 जिलों में सूखे जैसे हालात; बड़े बांधों में घट रहा पानी
राजस्थान में मानसून का आधा सीजन बीतने के बाद भी बारिश का इंतजार खत्म नहीं हुआ है। जून और जुलाई महीने में उम्मीद के मुताबिक बारिश नहीं होने से प्रदेश में जल संकट की चिंता बढ़ने लगी है। 31 जुलाई तक राज्य में सामान्य से 11 फीसदी कम बारिश दर्ज की गई है।कम बारिश का असर अब प्रदेश के कई जिलों में दिखाई देने लगा है। राजस्थान के 23 जिलों में सूखे जैसे हालात बन गए हैं, जहां सामान्य से कम बारिश हुई है। वहीं, प्रदेश के प्रमुख बांधों में पानी की आवक बढ़ने के बजाय जलस्तर लगातार कम हो रहा है।
बड़े बांधों में घट रहा जलस्तर
मानसून के दौरान आमतौर पर राजस्थान के प्रमुख बांधों में पानी की आवक बढ़ने लगती है, लेकिन इस बार स्थिति इसके उलट नजर आ रही है। प्रदेश के बड़े जल स्रोतों में शामिल जवाई और बीसलपुर बांध भी भरने के बजाय खाली हो रहे हैं।इन बांधों में पानी की कमी चिंता का कारण बनी हुई है, क्योंकि इनसे कई शहरों और क्षेत्रों में पेयजल की आपूर्ति होती है। अगर आने वाले दिनों में अच्छी बारिश नहीं हुई तो जल प्रबंधन को लेकर चुनौतियां बढ़ सकती हैं।
23 जिलों में बारिश की कमी
मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, प्रदेश के कई जिलों में मानसून की रफ्तार कमजोर रही है। जिन क्षेत्रों में कम बारिश हुई है, वहां खेती पर भी असर पड़ने की आशंका है।राजस्थान के किसान खरीफ फसलों के लिए मानसूनी बारिश पर काफी निर्भर रहते हैं। बारिश कम होने से बुवाई, फसल वृद्धि और उत्पादन प्रभावित हो सकता है।
अगस्त में भी सामान्य से कम बारिश का अनुमान
मौसम विभाग ने अगस्त महीने में भी राजस्थान में सामान्य से कम बारिश होने का अनुमान जताया है। इससे प्रदेश में बारिश की कमी दूर होने की उम्मीद कम दिखाई दे रही है।मौसम विभाग के अनुसार, अगस्त के दूसरे सप्ताह से पश्चिमी राजस्थान के कई हिस्सों में मौसम लगभग साफ रहने की संभावना है। खासतौर पर जोधपुर, जैसलमेर, बाड़मेर और बीकानेर जैसे जिलों में बारिश की गतिविधियां कम हो सकती हैं।
पश्चिमी राजस्थान में बढ़ सकती है चिंता
जोधपुर संभाग और रेगिस्तानी इलाकों में पहले से ही बारिश की कमी देखने को मिल रही है। इन क्षेत्रों में कम बारिश का असर भूजल स्तर और कृषि गतिविधियों पर भी पड़ सकता है।विशेषज्ञों का कहना है कि मानसून के बाकी बचे समय में अगर अच्छी बारिश नहीं हुई तो प्रदेश के कई इलाकों में जल संकट और बढ़ सकता है। प्रशासन भी बांधों और पेयजल व्यवस्था की स्थिति पर नजर बनाए हुए है।फिलहाल राजस्थान को अच्छी बारिश का इंतजार है। आने वाले सप्ताह प्रदेश के लिए बेहद अहम माने जा रहे हैं, क्योंकि इसी दौरान तय होगा कि मानसून की कमी कितनी हद तक पूरी हो पाती है।