राजस्थान में मानसून की एंट्री, लेकिन कमजोर पड़ा असर; वीडियो में जाने 11 जुलाई से शुरू होगा ब्रेक, कई जिलों में तापमान 40 डिग्री पार
राजस्थान में मानसून ने गुरुवार को पश्चिमी इलाकों में दस्तक दे दी। बीकानेर, जैसलमेर, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़ और फलोदी क्षेत्रों में मानसून की एंट्री हुई, लेकिन इसका असर उम्मीद के मुताबिक मजबूत नहीं रहा। हनुमानगढ़ को छोड़कर ज्यादातर जिलों में मौसम साफ बना रहा और बारिश का इंतजार जारी रहा।
मौसम विभाग के अनुसार, मानसून की आगे बढ़ने की रफ्तार धीमी रही है। वहीं, पूर्वी राजस्थान के कुछ इलाकों में हल्की बारिश दर्ज की गई। अजमेर, बारां, करौली और धौलपुर में बूंदाबांदी से लोगों को राहत मिली।
6 जिलों में आंधी-बारिश का यलो अलर्ट
मौसम विभाग ने शुक्रवार को प्रदेश के छह जिलों में आंधी और बारिश को लेकर यलो अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में तेज हवाओं के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना जताई गई है।हालांकि, मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि प्रदेश में अब मानसूनी बारिश का दौर कमजोर पड़ने लगा है। अगले कुछ दिनों में बारिश की गतिविधियों में कमी देखने को मिल सकती है।
11 जुलाई से शुरू होगा मानसून का कमजोर फेज
मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक, राजस्थान में 11 जुलाई से मानसून के कमजोर फेज की शुरुआत होने की संभावना है। यह ब्रेक करीब एक सप्ताह तक रह सकता है। इस दौरान प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में बारिश की गतिविधियां कम हो जाएंगी।मानसून के कमजोर पड़ने से किसानों की चिंता भी बढ़ सकती है, क्योंकि खरीफ फसलों के लिए लगातार बारिश की जरूरत होती है।
अब तक 95 मिमी बारिश दर्ज
राजस्थान में अब तक औसतन 95 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई है। हालांकि, प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश का वितरण समान नहीं रहा है। कुछ इलाकों में अच्छी बारिश हुई है, जबकि पश्चिमी राजस्थान के कई जिले अभी भी पर्याप्त बारिश का इंतजार कर रहे हैं।विशेषज्ञों का कहना है कि मानसून के सक्रिय होने के बाद ही प्रदेश में बारिश का आंकड़ा तेजी से बढ़ सकता है।
जुलाई में भी गर्मी से राहत नहीं
मानसून की दस्तक के बावजूद राजस्थान के कई जिलों में गर्मी का असर कम नहीं हुआ है। जुलाई महीने में भी कई जगहों पर तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर रिकॉर्ड किया जा रहा है।पश्चिमी राजस्थान के रेगिस्तानी इलाकों में गर्मी और उमस लोगों को परेशान कर रही है। बारिश में देरी के कारण दिन के तापमान में ज्यादा गिरावट देखने को नहीं मिल रही है।
किसानों की नजर मानसून की अगली चाल पर
राजस्थान की अर्थव्यवस्था काफी हद तक कृषि पर निर्भर है। ऐसे में मानसून की स्थिति किसानों के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है। खरीफ फसलों की बुवाई के बाद अब किसानों को अच्छी बारिश का इंतजार है।मौसम विभाग की नजर अब मानसून की गतिविधियों पर बनी हुई है। उम्मीद है कि कमजोर फेज के बाद प्रदेश में फिर से बारिश का दौर सक्रिय हो सकता है।