राजस्थान के 304 नगरीय निकाय क्षेत्रों से आचार संहिता हटी, उदयपुर में महापौर-उपमहापौर चुनाव के बाद बदलाव शुरू
राजस्थान में निकाय चुनावों की निर्वाचन प्रक्रिया पूरी होने के साथ ही राज्य निर्वाचन आयोग ने प्रदेश के 309 में से 304 नगरीय निकाय क्षेत्रों में आदर्श आचार संहिता समाप्त करने की घोषणा कर दी है। चुनावी प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब नगरीय निकायों में सामान्य प्रशासनिक और विकास संबंधी गतिविधियां फिर से गति पकड़ सकेंगी।
राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से जारी घोषणा के अनुसार, 304 नगरीय निकाय क्षेत्रों में लागू आदर्श आचार संहिता को समाप्त कर दिया गया है। इसके साथ ही चुनाव के दौरान लागू कई प्रतिबंध भी समाप्त हो गए हैं। संबंधित नगरीय निकाय अब नियमित रूप से अपने प्रशासनिक कार्यों और विकास योजनाओं को आगे बढ़ा सकेंगे।
निकाय चुनाव के दौरान प्रदेश के विभिन्न नगर निगम, नगर परिषद और नगर पालिकाओं में पार्षदों का निर्वाचन हुआ। इसके बाद महापौर, सभापति और उपसभापति समेत अन्य पदों के लिए भी चुनाव प्रक्रिया पूरी की गई। निर्वाचन प्रक्रिया के अंतिम चरण पूरे होने के साथ अब स्थानीय निकायों में नई निर्वाचित टीमों ने कामकाज संभालना शुरू कर दिया है।
उदयपुर नगर निगम में महापौर और उपमहापौर के चुनाव के बाद अब निगम में बदलाव की प्रक्रिया शुरू हो गई है। नई व्यवस्था के तहत नगर निगम के प्रशासनिक कामकाज में भी बदलाव देखने को मिल रहा है। निर्वाचित महापौर और उपमहापौर के पदभार संभालने के बाद निगम से जुड़े कार्यों को आगे बढ़ाने की तैयारी की जा रही है।
आचार संहिता हटने के बाद नगरीय निकायों के सामने अब शहरों से जुड़े विकास कार्यों को गति देने की जिम्मेदारी होगी। सड़कों, सफाई, जल निकासी, स्ट्रीट लाइट, पार्कों और अन्य मूलभूत सुविधाओं से जुड़े कामों पर स्थानीय निकायों का ध्यान रहेगा।
हालांकि प्रदेश के सभी 309 नगरीय निकाय क्षेत्रों से एक साथ आचार संहिता नहीं हटाई गई है। आयोग ने फिलहाल 304 नगरीय निकाय क्षेत्रों में आदर्श आचार संहिता समाप्त करने की घोषणा की है। शेष निकायों में निर्वाचन प्रक्रिया से जुड़े कारणों के चलते स्थिति अलग हो सकती है।