विधायक की यूडीए अधिकारियों को दो टूक- समयसीमा तय तो क्यों नहीं हो रहे काम पूरे
जयपुर विकास प्राधिकरण (यूडीए) की कार्यप्रणाली को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। क्षेत्रीय समस्याओं और अधूरे विकास कार्यों को लेकर स्थानीय विधायक ने यूडीए अधिकारियों की कार्यशैली पर नाराजगी जाहिर करते हुए साफ शब्दों में कहा कि जब विकास कार्यों की समयसीमा पहले से तय है, तो फिर काम तय अवधि में पूरे क्यों नहीं हो रहे हैं। विधायक के इस सख्त रुख के बाद अधिकारियों में हड़कंप मच गया और कई लंबित परियोजनाओं की प्रगति रिपोर्ट तत्काल मांगी गई।
दरअसल, क्षेत्र में लंबे समय से सड़क निर्माण, सीवरेज, ड्रेनेज और अन्य आधारभूत सुविधाओं से जुड़े कई कार्य अधूरे पड़े हैं। आमजन लगातार इन समस्याओं को लेकर शिकायतें कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि विकास कार्यों की घोषणा तो बड़े स्तर पर होती है, लेकिन जमीनी स्तर पर काम की गति बेहद धीमी है। कई परियोजनाएं महीनों से अधूरी पड़ी हैं, जिससे स्थानीय लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
इन्हीं शिकायतों को लेकर आयोजित समीक्षा बैठक में विधायक ने यूडीए अधिकारियों से जवाब तलब किया। बैठक के दौरान विधायक ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि विकास कार्यों में लापरवाही किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों से पूछा कि जब प्रत्येक परियोजना के लिए समयसीमा निर्धारित की गई है और बजट भी जारी हो चुका है, तो आखिर काम तय समय पर क्यों पूरे नहीं हो रहे। विधायक ने यह भी कहा कि जनता को केवल आश्वासन नहीं बल्कि धरातल पर परिणाम चाहिए।
सूत्रों के अनुसार बैठक में कई परियोजनाओं की धीमी प्रगति को लेकर विधायक ने नाराजगी जताई। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी लंबित कार्यों की सूची तैयार कर जल्द से जल्द उन्हें पूरा किया जाए। साथ ही निर्माण कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग करने और गुणवत्ता बनाए रखने के भी निर्देश दिए गए। विधायक ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि कार्यों में अनावश्यक देरी हुई तो संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी।
बैठक में मौजूद अधिकारियों ने कुछ परियोजनाओं में तकनीकी और प्रशासनिक कारणों से देरी होने की बात कही। हालांकि विधायक ने इन तर्कों को संतोषजनक नहीं माना और स्पष्ट किया कि जनता की समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर होना चाहिए। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों में देरी का सीधा असर आम नागरिकों के जीवन पर पड़ता है और इससे सरकार की छवि भी प्रभावित होती है।
स्थानीय लोगों ने विधायक के इस सख्त रवैये का स्वागत किया है। उनका कहना है कि यदि जनप्रतिनिधि इसी तरह अधिकारियों की जवाबदेही तय करें तो विकास कार्यों में तेजी आएगी और लोगों को राहत मिलेगी। क्षेत्रवासियों को उम्मीद है कि बैठक के बाद अब अधूरे कार्य जल्द पूरे होंगे और लंबे समय से चली आ रही समस्याओं का समाधान होगा।
विधायक की इस दो टूक चेतावनी ने साफ कर दिया है कि अब विकास कार्यों में लापरवाही और देरी को लेकर जवाबदेही तय होगी। आने वाले दिनों में यूडीए की कार्यशैली और परियोजनाओं की प्रगति पर सभी की नजरें टिकी रहेंगी।