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गोरखपुर में एंटीबायोटिक दवाओं का दुरुपयोग, स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा

 

शहर में एंटीबायोटिक दवाओं की बिक्री नियमों की अनदेखी करते हुए हो रही है। जानकारी के अनुसार, बिना डॉक्टर के पर्चे के मेडिकल स्टोर पर एंटीबायोटिक दवाएं आसानी से उपलब्ध कराई जा रही हैं। इसके कारण आम लोग सामान्य बीमारियों में भी इन दवाओं का सेवन कर रहे हैं, जो स्वास्थ्य के लिए खतरे की घंटी है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि यह स्थिति भविष्य के लिए गंभीर स्वास्थ्य संकट उत्पन्न कर सकती है। उन्होंने बताया कि लगातार और अनियंत्रित एंटीबायोटिक उपयोग से शरीर में दवा प्रतिरोधक क्षमता (एंटीमाइक्रोबियल रेसिस्टेंस, AMR) विकसित हो रही है। इसका असर यह है कि गंभीर संक्रमणों में भी एंटीबायोटिक दवाएं असरकारी नहीं रह जातीं।

डॉक्टरों की भी आलोचना हो रही है, क्योंकि कई बार वे अनावश्यक रूप से एंटीबायोटिक दवाओं के पर्चे लिख रहे हैं। इससे मरीजों के शरीर में बैक्टीरिया में प्रतिरोध पैदा हो रहा है और इलाज कठिन होता जा रहा है।

विशेषज्ञों ने नागरिकों से अपील की है कि वे एंटीबायोटिक दवाओं का सेवन केवल डॉक्टर की सलाह पर ही करें, और मेडिकल स्टोर पर बिना पर्चे की दवाएं न खरीदें। साथ ही, उन्होंने मेडिकल स्टोर और चिकित्सकों से दवाओं के सही प्रयोग और नियमों का पालन सुनिश्चित करने का आग्रह किया।

इस प्रकार की अनियमितता से न केवल वर्तमान स्वास्थ्य समस्याएं बढ़ रही हैं, बल्कि भविष्य में संक्रमणों का उपचार मुश्किल और जानलेवा हो सकता है। डॉक्टरों और स्वास्थ्य विभाग ने इस दिशा में जागरूकता अभियान और कड़े नियमों को लागू करने की जरूरत जताई है।