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राहगीरों का अपहरण कर लूटते थे बदमाश, 4 गिरफ्तार: मदद के बहाने रोकते, आपत्तिजनक वीडियो बनाकर ऑनलाइन कराते थे रुपए ट्रांसफर

 

राजस्थान में राहगीरों को मदद के बहाने रोककर उनका अपहरण करने और लूटपाट करने वाले गिरोह का पुलिस ने खुलासा किया है। पुलिस ने मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि बदमाश सड़क किनारे मुंह से झाग निकालने का नाटक करते थे और राहगीरों से मदद मांगकर उन्हें अपने जाल में फंसाते थे। इसके बाद उन्हें सुनसान जगह पर ले जाकर डराया-धमकाया जाता और आपत्तिजनक वीडियो बनाकर ब्लैकमेल किया जाता था।

पुलिस के अनुसार, आरोपी पीड़ितों से ऑनलाइन रुपए ट्रांसफर करवाते थे। गिरोह के सदस्य राहगीरों को देखकर बीमारी या परेशानी का नाटक करते थे। जैसे ही कोई व्यक्ति मदद के लिए रुकता, आरोपी उसे अपने साथियों के जाल में फंसा लेते थे।

मदद के बहाने बनाते थे शिकार

आरोपी सड़क किनारे इस तरह बैठते थे कि राहगीरों को लगे कि किसी व्यक्ति की तबीयत खराब है। वे मुंह से झाग निकालने का नाटक करते और मदद के लिए आवाज लगाते थे। राहगीर जब उनकी हालत देखकर रुकते तो आरोपी बातचीत के बहाने उन्हें अपने साथ ले जाते।

इसके बाद गिरोह के अन्य सदस्य भी मौके पर पहुंच जाते थे। पीड़ित को डराकर उसका मोबाइल और अन्य सामान अपने कब्जे में ले लिया जाता था।

आपत्तिजनक वीडियो बनाकर करते थे ब्लैकमेल

पुलिस जांच में सामने आया कि बदमाश केवल लूटपाट तक सीमित नहीं रहते थे। वे पीड़ितों के आपत्तिजनक वीडियो बना लेते और फिर उन्हें सार्वजनिक करने की धमकी देकर पैसे मांगते थे।

डर के कारण पीड़ितों से ऑनलाइन माध्यम से रकम ट्रांसफर कराई जाती थी। पुलिस अब आरोपियों से पूछताछ कर यह पता लगाने में जुटी है कि उन्होंने अब तक कितने लोगों को अपना शिकार बनाया है और इस गिरोह में कितने लोग शामिल हैं।

चार आरोपी गिरफ्तार

मामले की जांच के बाद पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस उनके आपराधिक रिकॉर्ड और मोबाइल फोन में मौजूद जानकारी की भी जांच कर रही है। साथ ही ऑनलाइन किए गए लेनदेन और संभावित पीड़ितों की जानकारी जुटाई जा रही है।

पुलिस को आशंका है कि आरोपी इसी तरीके से कई अन्य राहगीरों को भी अपना शिकार बना चुके हैं। पूछताछ के दौरान सामने आने वाली जानकारी के आधार पर मामले में आगे और कार्रवाई की जा सकती है।

पुलिस ने लोगों से अपील की है कि सड़क किनारे किसी व्यक्ति की संदिग्ध स्थिति देखकर मदद जरूर करें, लेकिन अनजान लोगों के साथ सुनसान स्थान पर जाने से बचें। किसी भी तरह की जबरदस्ती या ब्लैकमेलिंग की स्थिति में तुरंत पुलिस को सूचना दें।