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चुनाव प्रचार में उतरे मंत्री मदन दिलावर, प्रहलाद गुंजल पर साधा निशाना; 11 सितंबर को निगम चुनाव

 

राजस्थान के नगरीय निकाय चुनाव को लेकर सियासी सरगर्मी तेज हो गई है। कोटा नगर निगम चुनाव में अब प्रदेश सरकार के मंत्री भी मैदान में उतर आए हैं। मंगलवार को शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने भाजपा प्रत्याशियों के समर्थन में चुनाव प्रचार किया और वार्डों में जाकर जनसंपर्क किया।

मंत्री दिलावर ने वार्ड नंबर-3 से भाजपा प्रत्याशी श्रीमती सौसर बाई के लिए प्रचार किया। इस दौरान उन्होंने लोगों से भाजपा प्रत्याशी के पक्ष में मतदान करने की अपील की। इसके अलावा वे शहर के अलग-अलग वार्डों में पहुंचकर पार्टी प्रत्याशियों के समर्थन में माहौल बनाने में जुटे हैं।

पांच नगरपालिकाओं में 9 सितंबर को मतदान

कोटा जिले में नगरीय निकाय चुनाव के तहत पहले चरण में 9 सितंबर को पांच नगरपालिकाओं में मतदान होगा। इनमें:

  • रामगंजमंडी
  • सुल्तानपुर
  • इटावा
  • सांगोद
  • सुकेत

शामिल हैं।

वहीं, कोटा नगर निगम के 100 वार्डों के लिए 11 सितंबर को मतदान कराया जाएगा। चुनाव परिणाम और मतगणना की प्रक्रिया 14 सितंबर को पूरी होगी।

ईवीएम तैयारियों का लिया जायजा

नगर निगम चुनाव को लेकर प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। जिला निर्वाचन अधिकारी पीयूष समारिया ने मंगलवार को जेडीबी कॉलेज पहुंचकर ईवीएम कमीशनिंग और अन्य चुनावी व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया।

उन्होंने स्ट्रांग रूम में जाकर ईवीएम की सुरक्षा व्यवस्था देखी और मशीनों की कमीशनिंग प्रक्रिया की जानकारी ली। अधिकारियों को चुनाव प्रक्रिया को लेकर जरूरी निर्देश भी दिए गए।

दिलावर ने प्रहलाद गुंजल पर किया पलटवार

चुनावी प्रचार के दौरान शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने कांग्रेस नेता प्रहलाद गुंजल के बयान पर पलटवार किया। उन्होंने कहा कि प्रहलाद गुंजल ने उनके चरित्र को लेकर टिप्पणी की थी, जिसका जवाब देते हुए दिलावर ने उन पर निशाना साधा।

दिलावर ने कहा, "प्रहलाद गुंजल दल बदलू हैं, सात दलों की हांडियां चाट आए हैं, वो मुझे क्या चरित्र का पाठ पढ़ाएंगे।"

उन्होंने आगे कहा कि प्रहलाद गुंजल ने उनके लिए कहा था कि "दिलावर को गुंजल जैसा चरित्र जीने के लिए सात जन्म लेने पड़ेंगे।" इस पर पलटवार करते हुए दिलावर ने कहा कि वह भी जानना चाहते हैं कि उनका कौन सा चरित्र है।

चुनावी मुकाबला हुआ तेज

कोटा नगर निगम चुनाव में भाजपा, कांग्रेस और अन्य दलों के प्रत्याशियों के बीच मुकाबला तेज हो गया है। जैसे-जैसे मतदान की तारीख नजदीक आ रही है, वैसे-वैसे नेताओं की सक्रियता भी बढ़ती जा रही है।

अब सभी की नजर 11 सितंबर को होने वाली वोटिंग और 14 सितंबर को आने वाले नतीजों पर रहेगी।