रोहिणी में सीवर में गिरने से मजदूर की दर्दनाक मौत, जांच शुरू
राजधानी दिल्ली के रोहिणी इलाके से एक चौंकाने वाली और दुखद घटना सामने आई है। सेक्टर 32 में सोमवार शाम को एक मजदूर सीवर के मेन होल में गिर गया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। मृतक की पहचान बिहार के समस्तीपुर निवासी बिरजू के रूप में हुई है।
स्थानीय पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों ने घटना की जानकारी देते हुए बताया कि बिरजू इलाके में निर्माण कार्य में लगे हुए थे। हादसे के समय उनका संतुलन बिगड़ गया और वे अनियंत्रित होकर सीवर के खुले मेन होल में गिर पड़े। हादसे की गंभीरता को देखते हुए तुरंत एनडीआरएफ और स्थानीय पुलिस टीम को बुलाया गया, लेकिन वे समय पर पहुंचने से पहले ही गंभीर रूप से घायल हो चुके थे।
पुलिस सूत्रों ने बताया कि मृतक की लाश को तुरंत बाहर निकालकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है। प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि यह एक दुर्घटना थी, लेकिन इसके पीछे किसी प्रकार की लापरवाही या सुरक्षा मानकों की अनदेखी की संभावना को भी खंगाला जा रहा है।
स्थानीय लोग और मजदूरों का कहना है कि रोहिणी सेक्टर 32 में कई ऐसे सीवर और खुले मेन होल हैं, जिनके पास सुरक्षा बैरियर या चेतावनी के निशान नहीं हैं। ऐसे हादसे अक्सर गंभीर परिणाम लेकर आते हैं, जिससे मजदूरों और आम नागरिकों की जान जोखिम में पड़ती है।
पुलिस और नगर निगम अधिकारियों ने कहा कि इलाके में सभी खुले सीवर और निर्माण क्षेत्रों की जांच की जाएगी और जल्द ही उन्हें सुरक्षित बनाने के उपाय किए जाएंगे। उन्होंने नागरिकों और मजदूरों से अपील की कि वे किसी भी असुरक्षित स्थल के बारे में तुरंत प्रशासन को सूचित करें, ताकि भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके।
विशेषज्ञों का मानना है कि शहरों में खुले सीवर और मेन होल के आसपास सुरक्षा उपायों की कमी गंभीर दुर्घटनाओं का कारण बनती है। उन्होंने कहा कि सिर्फ चेतावनी बोर्ड और बैरियर ही पर्याप्त नहीं हैं, बल्कि नियमित निरीक्षण और सुरक्षा प्रशिक्षण भी जरूरी है।
बिरजू के परिवार को घटना की जानकारी दी जा चुकी है। पुलिस ने परिवार के सदस्यों के साथ संपर्क कर उन्हें घटना के बारे में बताया और हर संभव मदद का आश्वासन दिया है। मृतक मजदूर के परिजन बिहार से दिल्ली आएंगे और शव का अंतिम संस्कार करेंगे।
इस घटना ने रोहिणी और आसपास के इलाके में सुरक्षा के महत्व को फिर से उजागर कर दिया है। नागरिकों और मजदूरों से अपील की गई है कि वे अपने आसपास सतर्क रहें और किसी भी असुरक्षित स्थिति की जानकारी तुरंत प्रशासन और पुलिस को दें।
मामले की जांच जारी है और पुलिस यह सुनिश्चित कर रही है कि भविष्य में किसी भी मजदूर या नागरिक की जान जोखिम में न पड़े। रोहिणी पुलिस और नगर निगम इस दिशा में तत्काल कदम उठा रहे हैं और इलाके में सुरक्षा मानकों को मजबूत करने के लिए आवश्यक कार्रवाई कर रहे हैं।