सरकारी स्कूलों में मिड-डे मील के बर्तन बदलेंगे, जिलों से मांगे गए प्रस्ताव
राजस्थान के सरकारी स्कूलों में छात्रों को मिलने वाले मिड-डे मील की गुणवत्ता और स्वच्छता सुधारने के लिए बड़ा कदम उठाया गया है। राज्य के शिक्षा विभाग ने अब स्कूलों में उपयोग हो रहे पुराने बर्तन-भांडे बदलने की तैयारी शुरू कर दी है।
इस संबंध में विभाग ने सभी जिलों के अधिकारियों से प्रस्ताव मांगे हैं, ताकि जरूरत के अनुसार बजट आवंटित किया जा सके। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्रों के स्कूलों में वर्तमान स्थिति का आकलन कर रिपोर्ट तैयार करें और यह बताएं कि कितने नए बर्तनों की आवश्यकता है।
जानकारी के अनुसार, कई स्कूलों में लंबे समय से उपयोग हो रहे बर्तन जर्जर हो चुके हैं, जिससे स्वच्छता और स्वास्थ्य संबंधी चिंताएं बढ़ रही थीं। ऐसे में सरकार का यह कदम छात्रों को बेहतर और सुरक्षित भोजन उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
मिड-डे मील योजना के तहत रोजाना लाखों बच्चों को भोजन उपलब्ध कराया जाता है। ऐसे में बर्तनों की गुणवत्ता सीधे तौर पर बच्चों के स्वास्थ्य पर प्रभाव डालती है। विभाग का मानना है कि नए और बेहतर गुणवत्ता वाले बर्तनों से भोजन की स्वच्छता सुनिश्चित की जा सकेगी।
शिक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि प्रस्ताव मिलने के बाद जल्द ही बजट स्वीकृत कर बर्तन उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। प्राथमिकता उन स्कूलों को दी जाएगी, जहां बर्तनों की स्थिति अधिक खराब है।
इस निर्णय से न केवल स्कूलों में स्वच्छता का स्तर सुधरेगा, बल्कि छात्रों और अभिभावकों का भरोसा भी बढ़ेगा।