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फरवरी तक मौसम विभाग की भविष्यवाणी: राजस्थान में फिर शुरू होगी बारिश

 

राजस्थान में मौसम के लगातार बदलते पैटर्न के बीच मौसम विभाग ने फरवरी तक बारिश की संभावना की भविष्यवाणी कर दी है। पिछले कुछ हफ्तों में राज्य के कई हिस्सों में पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय रहे हैं, जिससे बारिश और ओलावृष्टि की घटनाएं हुई हैं। मौसम विभाग के अनुसार यह दौर फरवरी तक जारी रहेगा।

मौसम विशेषज्ञों ने बताया कि पश्चिमी विक्षोभ और मौसमी नमी के कारण राज्य के उत्तरी और पश्चिमी जिलों में बारिश और ओलावृष्टि की संभावना है। जयपुर, बीकानेर, चूरू, सीकर और अलवर में हल्की से मध्यम बारिश होने की उम्मीद है।

मौसम विभाग ने अलर्ट जारी करते हुए कहा कि सड़क और यातायात प्रभावित हो सकते हैं, इसलिए नागरिकों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। उन्होंने कहा कि बारिश और ओलावृष्टि से कृषि और स्थानीय फसलों को भी फायदा हो सकता है, लेकिन अचानक तेज बारिश या ओले किसानों के लिए नुकसानदेह भी हो सकते हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि फरवरी तक होने वाली बारिश राज्य में जल स्तर बढ़ाने और फसलों की सिंचाई में मदद करेगी। उन्होंने किसानों से कहा कि वे अपनी फसलों की सुरक्षा और जल निकासी का उचित इंतजाम करें ताकि किसी भी अप्रत्याशित मौसम की स्थिति से नुकसान न हो।

हालांकि बारिश से आम जनता को भी सड़कों पर जलभराव और यातायात में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। प्रशासन ने चेतावनी जारी की है कि लोग खुले इलाकों और कमजोर संरचनाओं में सावधानी बरतें और वाहन चलाते समय विशेष सतर्कता रखें।

मौसम विभाग ने कहा कि यह बारिश का दौर सामान्य से अधिक सक्रिय नहीं होगा, लेकिन राज्य के विभिन्न हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश और ओलावृष्टि लगातार होने की संभावना है। उन्होंने कहा कि लोग मौसम अपडेट्स और अलर्ट पर नजर रखें ताकि किसी अप्रत्याशित स्थिति से बचा जा सके।

राजस्थान के कई जिलों में पहले ही सर्दी के साथ तेज हवाएं और आंशिक बारिश देखने को मिली हैं। फरवरी तक यह स्थिति बनी रहने से राज्यवासियों को मौसम की दृष्टि से तैयार रहना होगा।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस बार की बारिश राजस्थान के जल संसाधनों के लिए लाभकारी साबित होगी और कई क्षेत्रों में फसल उत्पादन और पर्यावरणीय संतुलन को बनाए रखने में मदद करेगी।

इस प्रकार, राजस्थान में फरवरी तक फिर से बारिश का दौर शुरू होने की संभावना है। मौसम विभाग ने नागरिकों, किसानों और प्रशासन को सतर्क रहने और सभी आवश्यक उपाय अपनाने की सलाह दी है, ताकि बारिश का लाभ उठाया जा सके और किसी भी अप्रत्याशित नुकसान से बचा जा सके।