भरतपुर के सूखे कुएं में मिली 5 करोड़ की दवाइयों का खुलासा, वीडियो में जाने आगरा से लाकर छिपाया था माल; होलसेलर हिमांशु अग्रवाल गिरफ्तार
भरतपुर के बयाना तहसील के खटनावाली गांव में सूखे कुएं से करीब 5 करोड़ रुपए कीमत की दवाइयां मिलने के मामले में पुलिस जांच में बड़ा खुलासा हुआ है। जांच के अनुसार, इन दवाइ
आगरा से भरतपुर लाई गई थीं दवाइयां
पुलिस की जांच में सामने आया है कि बड़ी मात्रा में दवाइयों को आगरा से लाकर भरतपुर के बयाना इलाके में पहुंचाया गया था। इसके बाद इन्हें खटनावाली गांव के एक सूखे कुएं में छिपा दिया गया।जब कुएं से बड़ी मात्रा में दवाइयां बरामद हुईं तो पुलिस और संबंधित विभागों के अधिकारियों के सामने यह सवाल खड़ा हो गया कि इतनी बड़ी खेप गांव तक कैसे पहुंची और इसके पीछे कौन लोग थे। जांच के दौरान पुलिस ने मामले से जुड़े पांच लोगों को गिरफ्तार किया।
होलसेलर हिमांशु अग्रवाल का नाम सामने आया
मामले में दवाइयों के होलसेलर हिमांशु अग्रवाल का नाम सबसे प्रमुख बताया जा रहा है। पुलिस के अनुसार, हिमांशु पहले भी नकली दवाइयों से जुड़े मामले में गिरफ्तार हो चुका है।बताया जा रहा है कि साल 2025 में भी हिमांशु को नकली दवाइयों के एक मामले में गिरफ्तार किया गया था। इसके अलावा पुडुचेरी में भी नकली दवाइयों से जुड़े एक रैकेट के पकड़े जाने की जानकारी सामने आई थी। अब भरतपुर के मामले में हिमांशु की भूमिका और पुराने मामलों से किसी तरह के कनेक्शन की भी जांच की जा रही है।
नकली दवाओं के नेटवर्क की जांच
सूखे कुएं से बरामद दवाइयों की जांच के साथ पुलिस और संबंधित विभाग यह पता लगाने में जुटे हैं कि दवाइयां असली थीं या नकली। साथ ही इनके बिल, बैच नंबर, निर्माण कंपनी और सप्लाई चैन की भी जांच की जा रही है।जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि आगरा से दवाइयां किन लोगों के जरिए भरतपुर पहुंचीं और इन्हें खटनावाली गांव में छिपाने के पीछे क्या उद्देश्य था। पांच आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों के नाम सामने आने की संभावना है।फिलहाल पुलिस मामले की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है। दवाइयों की जांच रिपोर्ट और आरोपियों से पूछताछ के आधार पर ही यह स्पष्ट होगा कि कुएं में छिपाई गई करीब 5 करोड़ रुपए की दवाइयों का पूरा नेटवर्क कितना बड़ा था और इसमें कौन-कौन लोग शामिल थे।