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बीकानेर में स्लीपर बस में भीषण आग, यात्रियों में मच गई अफरा-तफरी

 

राजस्थान के बीकानेर जिले में बुधवार तड़के एक दर्दनाक हादसा हुआ। यात्रियों से भरी एक स्लीपर बस में अचानक भीषण आग लग गई, जिससे बस में सवार लोग भय और अफरा-तफरी में डूब गए। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और फायर ब्रिगेड मौके पर पहुंची और राहत कार्य शुरू किया।

सूत्रों के अनुसार, बस बीकानेर जिले के ग्रामीण इलाके से गुजर रही थी, तभी उसमें अचानक शॉर्ट सर्किट या तकनीकी खराबी के कारण आग लग गई। यात्रियों ने जैसे-तैसे बस से बाहर निकलकर अपनी जान बचाई। अफरा-तफरी के दौरान कई यात्री घायल भी हुए, जिन्हें पास के अस्पताल में भर्ती कराया गया।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आग की वजह से बस का अधिकतर हिस्सा जलकर खाक हो गया। प्रारंभिक जांच में यह संभावना जताई जा रही है कि इंजन या विद्युत उपकरण में तकनीकी खराबी के कारण आग लगी। बस के ड्राइवर और परिचालक ने तुरंत यात्रियों को बाहर निकालने का प्रयास किया, जिससे बड़ी जनहानि टल गई।

स्थानीय लोगों ने बताया कि सुबह तड़के अचानक लाल-पीली आग और धुएँ के बाद इलाके में भगदड़ मच गई। आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और यात्रियों को बचाने में मदद की। फायर ब्रिगेड ने बस पर काबू पाने में करीब एक घंटे का समय लगाया और पूरी आग को नियंत्रित किया।

चिकित्सकों ने बताया कि आग में घायल यात्रियों का इलाज प्राथमिक रूप से जलने और धुएँ से प्रभावित होने पर किया गया। सभी घायल लोगों की हालत स्थिर बताई जा रही है।

बस मालिक और परिवहन अधिकारी इस घटना की जांच और नुकसान का आंकलन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आगे से ऐसी दुर्घटना न हो इसके लिए सभी बसों के तकनीकी और सुरक्षा उपकरणों की जांच अनिवार्य की जाएगी।

विशेषज्ञों का कहना है कि स्लीपर बसों में आग लगने की घटनाओं को रोकने के लिए नियमित निरीक्षण, अग्निशमन उपकरण और यात्रियों के लिए आपातकालीन निकासी मार्ग सुनिश्चित करना जरूरी है। उन्होंने प्रशासन से अपील की कि सभी बसों के संचालन में सुरक्षा उपायों का पालन अनिवार्य किया जाए।

इस हादसे ने बीकानेर जिले में सार्वजनिक परिवहन सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन ने यात्री सुरक्षा को लेकर चेतावनी जारी की है और सभी बस मालिकों को निर्देश दिया है कि वाहन के तकनीकी और सुरक्षा मानकों का पालन करें।

इस प्रकार, बीकानेर जिले में बुधवार तड़के हुई स्लीपर बस आग की घटना ने यात्रियों में डर और अफरा-तफरी फैला दी। प्रशासन और परिवहन विभाग अब इस मामले की गहन जांच कर रहे हैं और भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचाव के लिए कड़े कदम उठाने की तैयारी में हैं।