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पाली की ग्वार-गम फैक्ट्री में भीषण आग, फुटेज में देंखे दो मजदूरों की जिंदा जलने से मौत; 3 झुलसकर हुए बेहोश

 

राजस्थान के पाली शहर में औद्योगिक थाना क्षेत्र के फोर्थ फेज इलाके में स्थित सारड़ा बायो पॉलिमर्स की ग्वार-गम फैक्ट्री में रविवार रात भीषण आग लग गई। हादसे में दो मजदूरों की जिंदा जलने से मौत हो गई, जबकि तीन मजदूर झुलस गए। आग इतनी तेजी से फैली कि फैक्ट्री में काम कर रहे मजदूरों को संभलने तक का मौका नहीं मिला। सोमवार को मलबे से दोनों मृत मजदूरों के शव बरामद किए गए।

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जानकारी के अनुसार, फैक्ट्री में रविवार रात करीब 11:30 बजे आग लगी। उस समय नाइट शिफ्ट में कुल 17 मजदूर काम कर रहे थे। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, जिस हिस्से में काम चल रहा था, वहां लिफ्ट में शॉर्ट सर्किट होने से आग लगी। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया और फैक्ट्री के अंदर धुआं तथा लपटें फैल गईं।आग लगते ही फैक्ट्री में अफरा-तफरी मच गई। अपनी जान बचाने के लिए 12 मजदूर किसी तरह बाहर निकल आए। इस दौरान तीन मजदूर जलते हुए कपड़ों के साथ ‘बचाओ-बचाओ’ चिल्लाते हुए बाहर की तरफ भागे। वे सड़क पर गिर पड़े और बेहोश हो गए। झुलसे मजदूरों को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। वहीं, दो मजदूर आग के बीच फैक्ट्री के अंदर ही फंस गए।

मलबे में मिले दोनों मजदूरों के शव

आग की सूचना मिलने पर दमकल विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं। आग इतनी भीषण थी कि उसे बुझाने में दमकलकर्मियों को काफी मशक्कत करनी पड़ी। करीब साढ़े चार घंटे की कोशिशों के बाद आग पर काबू पाया जा सका। इस दौरान दमकल की करीब आठ गाड़ियों ने लगभग 55 चक्कर लगाए।आग बुझने के बाद फैक्ट्री में फंसे मजदूरों की तलाश शुरू की गई। सोमवार को मलबा हटाने के दौरान दो मजदूरों के शव मिले। हादसे के बाद फैक्ट्री परिसर में राहत और बचाव कार्य चलाया गया। मृतकों की पहचान और हादसे से जुड़े अन्य पहलुओं की जानकारी संबंधित अधिकारियों की जांच के बाद स्पष्ट होगी।

गैस सिलेंडर तक पहुंच जाती आग तो हो सकता था बड़ा हादसा

फैक्ट्री परिसर में गैस के बड़े सिलेंडर भी रखे हुए थे। गनीमत रही कि आग इन सिलेंडरों से दूर रही। यदि लपटें गैस सिलेंडरों तक पहुंच जातीं, तो हादसा और भी गंभीर हो सकता था। इससे फैक्ट्री के साथ आसपास के क्षेत्र में भी बड़ा खतरा पैदा हो सकता था।इस हादसे ने औद्योगिक इकाइयों में आग से बचाव के इंतजामों और मजदूरों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। शॉर्ट सर्किट से आग लगने की शुरुआती जानकारी सामने आई है, लेकिन आग लगने के वास्तविक कारणों और सुरक्षा व्यवस्था की स्थिति की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।