उदयपुर पुलिस में बड़े फेरबदल: 27 पुलिस निरीक्षकों के तबादले, वर्ष 2026 के पहले सीआई स्तर के आदेश जारी
उदयपुर जिले में पुलिस प्रशासन में बड़े स्तर पर तबादलों का ऐलान किया गया है। एसपी योगेश गोयल ने गुरुवार देर रात 27 पुलिस निरीक्षकों (सीआई) के तबादले के आदेश जारी किए। ये वर्ष 2026 के पहले सीआई स्तर के तबादले माने जा रहे हैं और जिले में पुलिस की कार्यप्रणाली और प्रशासनिक संतुलन को बनाए रखने के उद्देश्य से किए गए हैं।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इन तबादलों का उद्देश्य सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करना, क्षेत्रीय पुलिस अधिकारियों के अनुभव का उचित उपयोग और अपराध नियंत्रण को बढ़ावा देना है। तबादले ऐसे समय में किए गए हैं जब जिले में अपराध नियंत्रण, कानून व्यवस्था और आम नागरिकों की सुरक्षा को लेकर प्रशासन की भूमिका पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
सूत्रों के अनुसार, जिन निरीक्षकों के तबादले किए गए हैं, उन्हें विभिन्न थानों और सेक्टरों में तैनात किया जाएगा। इस क्रम में शहर और ग्रामीण क्षेत्रों दोनों को ध्यान में रखते हुए अधिकारियों का स्थानांतरण किया गया है। अधिकारी इस बात पर भी ध्यान दे रहे हैं कि ताजगी और नई जिम्मेदारियों के साथ प्रशासनिक दक्षता बढ़े और पुलिस कर्मियों के बीच कार्यभार का उचित वितरण हो।
एसपी योगेश गोयल ने कहा कि पुलिस विभाग में नियमित रोटेशन और तबादले सुनिश्चित करना आवश्यक है, ताकि अधिकारियों की कार्यकुशलता बनी रहे और किसी भी प्रकार की थकावट या अतिक्रमण की संभावना कम हो। उन्होंने यह भी कहा कि इस प्रक्रिया का उद्देश्य केवल अधिकारियों को स्थानांतरित करना नहीं है, बल्कि जन सुरक्षा और कानून व्यवस्था को और प्रभावी बनाना है।
पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि साल की शुरुआत में किए गए ये तबादले जिले में नए दृष्टिकोण और कार्यशैली को लागू करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। इससे थानों में नए नेतृत्व के साथ अपराध नियंत्रण, केस प्रबंधन और जनता के प्रति सेवा की गुणवत्ता में सुधार की उम्मीद जताई जा रही है।
विशेषज्ञों का कहना है कि पुलिस प्रशासन में इस तरह के फेरबदल से न केवल अपराध नियंत्रण में मदद मिलती है, बल्कि अधिकारियों की प्रोफेशनल ग्रोथ और कार्यक्षमता भी बढ़ती है। साथ ही यह कदम जनता के लिए भी सकारात्मक संदेश है कि प्रशासन सक्रिय और जागरूक है।
इस फेरबदल के बाद जिले के कई क्षेत्रों में पुलिस कर्मियों और नागरिकों ने इसे स्वागत योग्य कदम बताया है। उन्होंने कहा कि नए अधिकारियों के आने से थानों में सक्रियता और जवाबदेही बढ़ेगी, जिससे कानून व्यवस्था और सुरक्षा में सुधार संभव होगा।