नागौर में गोचर व अंगोर भूमि पर अतिक्रमण हटाने की बड़ी कार्रवाई, अवैध निर्माण ध्वस्त
नागौर जिले में सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए प्रशासन ने सख्त कदम उठाते हुए व्यापक कार्रवाई की। जिला कलक्टर के निर्देश पर उपखंड अधिकारी गोविन्द सिंह भींचर के सुपरविजन तथा तहसीलदार नरसिंह टाक के नेतृत्व में दिनभर अभियान चलाकर गोचर और अंगोर भूमि पर किए गए अवैध निर्माणों को हटाया गया।
प्रशासनिक टीम ने कार्रवाई के दौरान जेसीबी मशीनों की मदद से कई स्थानों पर बने कच्चे और पक्के निर्माणों को ध्वस्त किया। यह भूमि लंबे समय से अतिक्रमण की चपेट में थी, जिस पर कुछ लोगों द्वारा अवैध रूप से कब्जा कर निर्माण कार्य किया जा रहा था।
सूत्रों के अनुसार, यह कार्रवाई जिला प्रशासन द्वारा लगातार मिल रही शिकायतों और राजस्व रिकॉर्ड की जांच के बाद की गई। गोचर भूमि को पशुओं के चरागाह के लिए आरक्षित माना जाता है, जबकि अंगोर भूमि भी सार्वजनिक उपयोग और संरक्षण के अंतर्गत आती है। ऐसे में इन पर निजी निर्माण को गंभीर उल्लंघन माना जाता है।
कार्रवाई के दौरान प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर मौजूद लोगों को स्पष्ट संदेश दिया कि सरकारी भूमि पर किसी भी प्रकार का अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। साथ ही भविष्य में पुनः कब्जा करने की कोशिश पर सख्त कानूनी कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई।
अभियान के दौरान क्षेत्र में पुलिस बल की भी तैनाती की गई थी, ताकि किसी भी प्रकार की अव्यवस्था या विरोध की स्थिति उत्पन्न न हो। पूरी कार्रवाई शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई।
स्थानीय प्रशासन ने बताया कि यह अभियान आगे भी जारी रहेगा और जिले में चिन्हित अन्य अतिक्रमित भूमि को भी जल्द ही खाली कराया जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि सार्वजनिक भूमि का संरक्षण विकास और पर्यावरण संतुलन के लिए अत्यंत आवश्यक है।
इस कार्रवाई से क्षेत्र में प्रशासन की सक्रियता को लेकर चर्चा तेज हो गई है और इसे सरकारी भूमि संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।