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कोटा-चित्तौड़ रेलवे ट्रैक पर बड़ा हादसा टला, ट्रेन को डिरेल करने की साजिश नाकाम

 

राजस्थान में एक बड़ा रेल हादसा होते-होते टल गया जब कोटा रेल मंडल के अंतर्गत आने वाले कोटा-चित्तौड़गढ़ रेलवे ट्रैक पर अज्ञात बदमाशों ने ट्रेन को पटरी से उतारने की साजिश की। यह घटना मंगलवार तड़के की बताई जा रही है, जब ट्रैक पर पुरानी पटरी का एक भारी टुकड़ा रख दिया गया था। इस खतरनाक हरकत के कारण एक मालगाड़ी चित्तौड़गढ़ रेल खंड से गुजरते समय उससे टकरा गई।

जानकारी के अनुसार, यह घटना कोटा रेल मंडल के अंतर्गत आने वाले व्यस्त रेल मार्ग पर हुई, जहां प्रतिदिन कई मालगाड़ियां और यात्री ट्रेनें गुजरती हैं। ट्रैक पर रखे गए लोहे के टुकड़े से जोरदार टक्कर होने के बाद वह उछलकर दूर जा गिरा, हालांकि राहत की बात यह रही कि ट्रेन के डिरेल होने जैसी कोई बड़ी दुर्घटना नहीं हुई।

प्रत्यक्षदर्शियों और रेलवे सूत्रों के अनुसार, मालगाड़ी की गति सामान्य थी, लेकिन अचानक ट्रैक पर भारी वस्तु आने से जोरदार झटका महसूस हुआ। चालक ने तुरंत सूझबूझ दिखाते हुए ट्रेन को नियंत्रित किया और आगे किसी बड़ी अनहोनी को रोक दिया। घटना के बाद ट्रेन को कुछ देर के लिए रोका गया, ताकि ट्रैक की जांच की जा सके।

सूचना मिलते ही रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और पूरे क्षेत्र को घेर लिया गया। ट्रैक की गहन जांच के दौरान पाया गया कि किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा जानबूझकर पुरानी पटरी का भारी टुकड़ा वहां रखा गया था, ताकि ट्रेन को डिरेल किया जा सके।

अधिकारियों ने इस घटना को गंभीर साजिश मानते हुए जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में यह आशंका जताई जा रही है कि यह किसी शरारती तत्व या सुनियोजित साजिश का हिस्सा हो सकता है। फिलहाल आसपास के इलाकों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है और संदिग्धों की तलाश की जा रही है।

भारतीय रेलवे के अधिकारियों ने इस घटना को अत्यंत गंभीर बताते हुए कहा है कि यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और इस तरह की हरकतें देश की रेलवे व्यवस्था को नुकसान पहुंचाने का प्रयास हैं। रेलवे प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि दोषियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।

घटना के बाद ट्रैक की मरम्मत और सुरक्षा जांच पूरी करने के बाद ही रेल संचालन को दोबारा सामान्य किया गया। रेलवे अधिकारियों ने बताया कि समय रहते सतर्कता बरतने से एक बड़ा रेल हादसा टल गया, जो सैकड़ों यात्रियों की जान जोखिम में डाल सकता था।

स्थानीय पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां अब इस बात की जांच कर रही हैं कि यह हरकत किसी संगठित गिरोह द्वारा की गई या फिर स्थानीय स्तर पर किसी असामाजिक तत्व की करतूत है। आसपास के गांवों में पूछताछ भी शुरू कर दी गई है।

इस घटना के बाद क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को और कड़ा कर दिया गया है तथा रेलवे ट्रैक की निगरानी बढ़ाने के निर्देश जारी किए गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए पेट्रोलिंग और निगरानी प्रणाली को और मजबूत किया जाएगा।

फिलहाल मामले की जांच जारी है और सुरक्षा एजेंसियां जल्द ही इस साजिश के पीछे के लोगों तक पहुंचने का दावा कर रही हैं।