गोविंददेवजी मंदिर के महंत अंजन कुमार गोस्वामी का निधन: साइलेंट अटैक के बाद अस्पताल में तोड़ा दम, वीडियो में जाने बेटे मानस ने दी मुखाग्नि
जयपुर के प्रसिद्ध गोविंददेवजी मंदिर के महंत अंजन कुमार गोस्वामी का रविवार को निधन हो गया। दोपहर करीब 12 बजे उन्हें साइलेंट अटैक आया। इसके बाद परिजन उन्हें तुरंत दुर्लभजी अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर से मंदिर से जुड़े श्रद्धालुओं और गोस्वामी समाज में शोक की लहर फैल गई।महंत अंजन कुमार गोस्वामी का अंतिम संस्कार रविवार शाम जलमहल के सामने स्थित समाज बाड़ी में किया गया। उनके बेटे मानस गोस्वामी ने उन्हें मुखाग्नि दी। इस दौरान जयपुर के प्रमुख मंदिरों के महंत, गोविंददेवजी मंदिर से जुड़े सेवक और परिवार के सदस्य मौजूद रहे।
हवेली से रवाना हुई अंतिम यात्रा
महंत अंजन कुमार गोस्वामी की अंतिम यात्रा सुभाष चौक क्षेत्र में पानों के दरीबे स्थित उनकी हवेली से रवाना हुई। अंतिम यात्रा में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। मंदिर से जुड़े लोगों और श्रद्धालुओं ने उन्हें अंतिम विदाई दी।अंतिम यात्रा के दौरान जयपुर के विभिन्न मंदिरों के महंत और धार्मिक क्षेत्र से जुड़े कई लोग मौजूद रहे। सभी ने महंत अंजन कुमार गोस्वामी के निधन पर शोक जताया और उनके योगदान को याद किया।
गौड़ीय वैष्णव संप्रदाय से जुड़ी थी परंपरा
महंत अंजन कुमार गोस्वामी गौड़ीय वैष्णव संप्रदाय की परंपरा से जुड़े हुए थे। वे गोविंददेवजी मंदिर के महंत होने के साथ मंदिर के एकमात्र सेवाधिकारी और ट्रस्टी भी थे। मंदिर की धार्मिक परंपराओं और व्यवस्थाओं में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका थी।गोविंददेवजी मंदिर जयपुर के प्रमुख धार्मिक स्थलों में शामिल है। यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। मंदिर की सेवा और परंपराओं से जुड़े गोस्वामी परिवार का धार्मिक महत्व लंबे समय से रहा है।
समाज बाड़ी में हुआ अंतिम संस्कार
महंत अंजन कुमार गोस्वामी का अंतिम संस्कार जलमहल के सामने स्थित समाज ड़ी में किया गया। यह स्थान गोविंददेवजी मंदिर के गोस्वामी परिवार के सदस्यों के अंतिम संस्कार के लिए निर्धारित है। धार्मिक परंपरा के अनुसार यहीं उनका पार्थिव शरीर पंचतत्व में विलीन हुआ।अंतिम संस्कार के दौरान मंदिर से जुड़े लोग बड़ी संख्या में मौजूद रहे। बेटे मानस गोमी ने पिता को मुखाग्नि दी। उनके निधन से मंदिर परिवार और धार्मिक जगत में शोक का माहौल है। श्रद्धालुओं और परिचितों ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।