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मदन राठौड़ का बयान: महिला आरक्षण बिल और परिसीमन से बदलेगी लोकसभा–विधानसभा सीटों की तस्वीर

 

राजस्थान भाजपा प्रदेश अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद मदन राठौड़ ने महिला आरक्षण बिल और प्रस्तावित परिसीमन (Delimitation) को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में देश की राजनीतिक संरचना में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा और इसके तहत लोकसभा व विधानसभा सीटों की संख्या में उल्लेखनीय बढ़ोतरी संभव है।

राठौड़ ने संकेत दिया कि परिसीमन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद राजस्थान सहित कई राज्यों में विधानसभा सीटों की संख्या करीब 50 प्रतिशत तक बढ़ सकती है। उनका कहना है कि यह बदलाव महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने के उद्देश्य से लाए जा रहे संवैधानिक प्रावधानों के साथ जुड़ा हुआ है।

महिला आरक्षण और परिसीमन का कनेक्शन

केंद्र सरकार ने पहले ही महिला आरक्षण कानून को मंजूरी दे दी है, जिसके तहत लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत सीटें आरक्षित की जाएंगी। हालांकि इस प्रावधान को लागू करने के लिए परिसीमन प्रक्रिया अनिवार्य है, जिसमें जनसंख्या के आधार पर निर्वाचन क्षेत्रों का पुनर्निर्धारण किया जाएगा। परिसीमन के बाद लोकसभा की सीटें भी बढ़ने की संभावना है, जिससे राजनीतिक संतुलन में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।

राजस्थान की सीटों पर संभावित असर

मदन राठौड़ के अनुसार, यदि प्रस्तावित बदलाव लागू होते हैं तो राजस्थान विधानसभा की सीटें वर्तमान संख्या से काफी बढ़ सकती हैं। उन्होंने अनुमान जताया कि यह संख्या 300 के आसपास तक पहुंच सकती है, हालांकि अंतिम निर्णय परिसीमन आयोग द्वारा ही लिया जाएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि यह बदलाव केवल सीटों की संख्या तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इससे क्षेत्रीय राजनीतिक प्रतिनिधित्व और चुनावी रणनीतियों पर भी गहरा असर पड़ेगा।

राजनीतिक बहस तेज

इस मुद्दे पर विपक्ष ने भी सवाल उठाए हैं और कहा है कि अभी परिसीमन आयोग का गठन तक पूरी तरह स्पष्ट नहीं है, इसलिए इस तरह के अनुमान राजनीतिक चर्चा को बढ़ावा दे रहे हैं। वहीं, भाजपा इसे “महिला सशक्तिकरण और समान प्रतिनिधित्व” की दिशा में बड़ा कदम बता रही है।