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राजस्थान में मौसम फिर होगा बदलता, उत्तरी और पूर्वी हिस्सों में हल्की बारिश का अलर्ट

 

मौसम विभाग ने आगामी दो दिनों के लिए राज्यवासियों को चेतावनी जारी की है। विभाग के अनुसार, राजस्थान में 31 जनवरी और 1 फरवरी को मौसम में फिर बदलाव देखने को मिल सकता है। विशेष रूप से राज्य के उत्तरी और पूर्वी हिस्सों में कहीं-कहीं मेघगर्जन के साथ हल्की बारिश होने की संभावना है।

मौसम वैज्ञानिकों ने बताया कि इस मौसम परिवर्तन के कारण कुछ क्षेत्रों में तापमान में गिरावट और हवा में नमी बढ़ सकती है। उन्होंने किसानों और आम जनता को सलाह दी है कि वे अपने कार्यों और फसलों को इस बदलाव के अनुसार तैयार रखें। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि हल्की बारिश से फसलों को लाभ भी हो सकता है, लेकिन अधिक नमी या अचानक तूफानी हवा से नुकसान की संभावना बनी रहती है।

राज्य के कुछ जिलों में पहले ही ठंडक का असर बढ़ा हुआ है। मौसम विभाग के अनुसार, उत्तरी और पूर्वी राजस्थान में जैसे जयपुर, अलवर, सवाई माधोपुर, कोटा और झुंझुनू जिलों में अधिक संभावना है कि आकाश में बादल घिरेंगे और रुक-रुक कर हल्की बारिश होगी। साथ ही, कहीं-कहीं गरज के साथ बिजली चमकने की भी चेतावनी दी गई है।

शहरवासियों और पर्यटकों से अपील की गई है कि वे बाहरी गतिविधियों में सावधानी बरतें। विभाग ने कहा कि अगर तेज हवाओं या बिजली गिरने जैसी स्थिति उत्पन्न होती है तो लोगों को सुरक्षित स्थान पर रहने की आवश्यकता है। इसके अलावा, पानी जमा होने वाले क्षेत्रों में वाहन चालकों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

मौसम विभाग ने यह भी बताया कि इस बदलाव का असर कुछ दिन तक रह सकता है और इसके बाद राज्य में ठंडक में धीरे-धीरे कमी आने की संभावना है। उन्होंने नागरिकों से यह भी अनुरोध किया कि वे स्थानीय मौसम अपडेट और अलर्ट नियमित रूप से देखें ताकि किसी भी आपात स्थिति से बचा जा सके।

विशेषज्ञों का कहना है कि राजस्थान में इस प्रकार की हल्की बारिश और मेघगर्जन आम तौर पर शीतकालीन मौसम के दौरान देखने को मिलती है। हालांकि, तेजी से बदलते मौसम के कारण कभी-कभी अचानक बौछारें या तूफानी हवाएं भी आ सकती हैं। इसलिए सावधानी आवश्यक है।

किसानों के लिए मौसम विभाग ने विशेष दिशा-निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने कहा कि जो फसलें खुले खेतों में हैं, उनके लिए बारिश लाभकारी हो सकती है, लेकिन पानी जमी हुई फसल या कमजोर फसलें प्रभावित हो सकती हैं। इसके मद्देनजर किसान अपने खेतों की सुरक्षा और फसलों की देखभाल करें।

इस अलर्ट के मद्देनजर प्रशासन ने भी कुछ जिलों में सतर्कता बढ़ा दी है। आपदा प्रबंधन टीमों को अलर्ट पर रखा गया है ताकि अगर कहीं कोई आपात स्थिति उत्पन्न होती है तो तुरंत मदद पहुँचाई जा सके।

राजस्थान में इस तरह के मौसम परिवर्तन ने यह साफ कर दिया है कि नागरिकों और प्रशासन को मौसम की हर हलचल पर सतर्क रहना आवश्यक है। आगामी दो दिनों में राज्य के उत्तरी और पूर्वी हिस्सों के लोगों को बारिश और मेघगर्जन के लिए तैयार रहने की आवश्यकता है।