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जैसलमेर में 100 करोड़ की सरकारी जमीन अतिक्रमण मुक्त, 100 से ज्यादा अवैध निर्माणों पर चला बुलडोजर

 

राजस्थान के जैसलमेर में प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 100 करोड़ रुपये मूल्य की सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया है। शहरी सुधार न्यास (यूआईटी) और जिला प्रशासन की संयुक्त कार्रवाई के दौरान 100 से अधिक अवैध निर्माणों को ध्वस्त कर दिया गया।

इस कार्रवाई को जिले में हाल के वर्षों की सबसे बड़ी अतिक्रमण हटाओ मुहिमों में से एक माना जा रहा है। प्रशासन की इस कार्रवाई से अतिक्रमणकारियों में हड़कंप मच गया।

100 से अधिक अवैध निर्माण ध्वस्त

अधिकारियों के अनुसार, सरकारी भूमि पर लंबे समय से अवैध कब्जे और निर्माण किए गए थे। जांच और नोटिस प्रक्रिया पूरी होने के बाद यूआईटी की टीम ने भारी पुलिस जाब्ते और मशीनों की मदद से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू की।

कार्रवाई के दौरान 100 से अधिक अवैध निर्माणों को तोड़ा गया। बुलडोजर और जेसीबी मशीनों की सहायता से कब्जों को हटाकर जमीन को सरकारी रिकॉर्ड के अनुसार मुक्त कराया गया।

करोड़ों की सरकारी जमीन हुई मुक्त

प्रशासन का दावा है कि अतिक्रमण हटाने के बाद लगभग 100 करोड़ रुपये मूल्य की सरकारी भूमि को वापस अपने कब्जे में लिया गया है। यह जमीन भविष्य में सार्वजनिक उपयोग और विकास कार्यों के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

अधिकारियों ने बताया कि भूमि के रिकॉर्ड का सत्यापन करने के बाद ही कार्रवाई को अंजाम दिया गया।

भारी पुलिस बल रहा तैनात

कार्रवाई के दौरान किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया था। प्रशासन ने पूरे अभियान की वीडियोग्राफी भी कराई।

अधिकारियों ने बताया कि कार्रवाई शांतिपूर्ण ढंग से पूरी हुई और कानून-व्यवस्था की स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में रही।

आगे भी जारी रहेगा अभियान

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा। जिन क्षेत्रों में अतिक्रमण की शिकायतें मिल रही हैं, वहां भी रिकॉर्ड की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

अधिकारियों का कहना है कि सार्वजनिक संपत्तियों की सुरक्षा और सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त रखना प्रशासन की प्राथमिकता है।

अवैध कब्जाधारियों को चेतावनी

प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे सरकारी भूमि पर किसी भी प्रकार का अवैध निर्माण या कब्जा न करें। साथ ही चेतावनी दी गई है कि भविष्य में भी ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की जाएगी और नियमों का उल्लंघन करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।

जैसलमेर में हुई इस बड़ी कार्रवाई को राज्य में चल रहे अतिक्रमण विरोधी अभियानों की महत्वपूर्ण कड़ी माना जा रहा है, जहां प्रशासन सरकारी संपत्तियों को मुक्त कराने के लिए लगातार अभियान चला रहा है।