खारी फीडर चौड़ाईकरण कार्य को मिली रफ्तार, 2028 तक पूरा होने का लक्ष्य; राजसमंद झील को मिलेगा नया जीवन
लंबे समय से चल रही प्रशासनिक अड़चनों और देरी के बाद अब खारी फीडर चौड़ाईकरण परियोजना ने रफ्तार पकड़ ली है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के पूरा होने का लक्ष्य वर्ष 2028 निर्धारित किया गया है। इसके पूरा होने के बाद राजस्थान के राजसमंद झील को नई जिंदगी मिलने की उम्मीद है और इसकी जलभराव क्षमता में उल्लेखनीय बढ़ोतरी होगी।
इस परियोजना का उद्देश्य खारी नदी से आने वाले जल को बेहतर तरीके से संग्रहित कर झील तक पहुंचाना है, जिससे क्षेत्र में जल संकट की समस्या को काफी हद तक कम किया जा सके। चौड़ाईकरण के बाद अधिक मात्रा में पानी झील तक पहुंच सकेगा, जिससे न केवल जल स्तर में सुधार होगा, बल्कि आसपास के क्षेत्रों में भूजल स्तर भी बढ़ने की संभावना है।
जानकारी के अनुसार, इस परियोजना को लेकर कई वर्षों से विभिन्न स्तरों पर चर्चा और प्रयास किए जा रहे थे, लेकिन प्रशासनिक प्रक्रियाओं और तकनीकी बाधाओं के कारण कार्य में देरी होती रही। अब जब कार्य ने गति पकड़ ली है, तो स्थानीय लोगों में भी खुशी और उम्मीद का माहौल है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह परियोजना क्षेत्र के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित होगी। राजसमंद झील ऐतिहासिक और जल प्रबंधन की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण जल स्रोत है। यदि खारी फीडर प्रणाली को प्रभावी ढंग से विकसित कर दिया जाता है, तो यह झील आने वाले वर्षों में भी क्षेत्र की जल आवश्यकताओं को पूरा करने में सक्षम हो सकेगी।
स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों ने इस परियोजना की गति बढ़ने का स्वागत किया है। उनका कहना है कि यदि यह कार्य समय पर पूरा हो जाता है, तो यह क्षेत्र में कृषि, पेयजल और पर्यावरण संतुलन के लिए एक बड़ी उपलब्धि होगी।
फिलहाल, परियोजना पर काम तेजी से जारी है और संबंधित विभाग इस कार्य को तय समय सीमा में पूरा करने के लिए प्रयासरत हैं। अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि 2028 तक यह परियोजना कितनी सफलतापूर्वक पूरी होती है और राजसमंद झील को कितना लाभ पहुंचता है।